तुरुकडीहा में खौफनाक सुबह — पिता ने तीनों बेटियों की गला रेत कर की हत्या
गिरिडीह, मुफ्फसिल थाना क्षेत्र: सोमवार की सुबह जहाँ पूरा गाँव नई रोशनी में जाग रहा था, वहीं तुरुकडीहा गाँव में एक ऐसी वारदात हुई जिसने रूह कँपा दी। घटना सुबह करीब 4 बजे की बताई जा रही है, जब आरोपी पिता नंदू यादव (उर्फ नंदकिशोर यादव) ने अपनी ही तीन मासूम बेटियों को धारदार हथियार से बेरहमी से मार डाला। मृतिकाओं की पहचान 12 वर्षीय पल्लवी कुमारी, और उसकी छोटी बहनें — 7 वर्षीय जुड़वाँ बेटियाँ रिद्धि और सिद्धि के रूप में हुई है। तीनों बहनें एक ही कमरे में सो रही थीं, जब आरोपी ने अंधेरे में उन पर हमला कर दिया। घटना की जानकारी होते ही पूरे गाँव में कोहराम मच गया। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी और परिजन दौड़े, लेकिन तब तक तीनों बच्चियाँ ठंडी हो चुकी थीं।सूचना पाते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) जीतबाहन उरांव और मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो दल-बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, गिरिडीह भेज दिया। घटनास्थल से धारदार हथियार को भी जब्त कर लिया गया है।
प्रेम-प्रसंग का विरोध बना मासूमों की मौत का कारण — बेटियाँ करती थीं पिता के अवैध संबंध का विरोध
गिरिडीह: इस दिल दहला देने वाली वारदात के पीछे की वजह जैसे-जैसे सामने आ रही है, हैरानी और गुस्सा दोनों बढ़ रहा है। पुलिस की प्रारंभिक जांच और आस-पड़ोस के लोगों के बयानों के अनुसार, आरोपी नंदू यादव का किसी अन्य महिला के साथ अवैध प्रेम-प्रसंग (अफेयर) चल रहा था। उसकी अपनी बेटियाँ, खासकर बड़ी बेटी पल्लवी (12 वर्ष), इस रिश्ते का खुलकर विरोध करती थीं। गाँव वालों ने बताया कि बड़ी बेटी पल्लवी ने कई बार अपने पिता को समझाने की कोशिश की और माँ के साथ अन्याय का विरोध किया। वह अपनी छोटी बहनों की देखभाल करने के साथ ही घर की मुश्किलों को समझती थी। लेकिन आरोपी पिता को अपनी ही बेटियों की यह नसीहत नागवार गुज़री। माना जा रहा है कि रविवार रात को इसी मामले को लेकर घर में जोरदार झड़प हुई थी, जिसके बाद आरोपी ने ठंडे दिमाग से इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। एसडीपीओ जीतबाहन उरांव ने बताया कि आरोपी से पूछताछ में यह एंगल सामने आया है और पारिवारिक विवाद ही हत्या का मुख्य कारण प्रतीत होता है। हालाँकि, पुलिस ने साफ किया है कि आरोपी की मानसिक स्थिति की भी जाँच की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि बाल-विवाह, दहेज और प्रेम-प्रसंग जैसे मुद्दों पर घरेलू हिंसा किस हद तक पहुँच सकती है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, झारखंड में घरेलू हिंसा के मामलों में पिछले एक साल में 15% की वृद्धि हुई है, और ऐसे मामलों में बच्चे सबसे ज्यादा असुरक्षित होते हैं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई — आरोपी पिता गिरफ्तार, SDPO बोले—”मिलेगी कड़ी से कड़ी सजा”
गिरिडीह: घटना की सूचना मिलने के कुछ ही घंटों के अंदर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर आरोपी नंदू यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ शुरू कर दी है। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में इस मामले को लेकर गहन जांच जारी है।
एसडीपीओ जीतबाहन उरांव ने मीडिया से बात करते हुए कहा:
“यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। आरोपी पिता को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया है। हम हर बिंदु पर जांच कर रहे हैं — घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। दोषी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्य आने के बाद ही अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी। फिलहाल आरोपी को रिमांड पर लेकर मामले की विस्तृत पूछताछ जारी है। इसके साथ ही, पुलिस आरोपी के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य डिजिटल सबूतों की भी जाँच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस हत्याकांड में कोई और भी शामिल तो नहीं था।
वहीं, प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम भी गाँव पहुँच कर परिवार की मानसिक स्थिति का जायजा ले रही है। इस घटना के बाद तुरुकडीहा और आसपास के इलाकों में शोक की लहर है, और ग्रामीणों ने आरोपी के लिए मृत्युदंड की माँग की है।
— रिपोर्ट: एआई फिएस्टा न्यूज़ डेस्क

