धनबाद में एफएसएसएआई के नाम पर चल रहा अवैध धोखाधड़ी का खेल रणधीर वर्मा चौक में पकड़ा गया नकली कार्यालय, व्यापारियों से वसूले जा रहे हजारों रुपये
धनबाद के रणधीर वर्मा चौक (कोर्ट मोड़) पर एक गंभीर धोखाधड़ी का मामला उजागर हुआ है। यहां एक दुकान में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के नाम पर एक समानांतर और गैरकानूनी कार्यालय संचालित किया जा रहा है। इस नकली कार्यालय के जरिए खाद्य दुकानदारों, होटल संचालकों और अन्य खाद्य व्यवसायियों को फर्जी तरीके से फूड सेफ्टी लाइसेंस उपलब्ध कराने के बहाने बेतहाशा राशि वसूली जा रही है।सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस नकली कार्यालय में पीड़ितों से 7,860 रुपये तक की राशि ली जा रही है, जबकि सरकारी नियमों के तहत एफएसएसएआई फूड लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन शुल्क मात्र 100 रुपये निर्धारित है। यह भारी अंतर स्पष्ट करता है कि आम व्यापारियों को कितनी बड़ी धोखाधड़ी का शिकार बनाया जा रहा है।
मनोज नामक व्यक्ति संचालित करता है अनाधिकृत कार्यालय, विभागीय जांच में खुलासा हुई सच्चाई
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी राजा कुमार ने शिकायत मिलने के बाद तत्काल प्रारंभिक जांच का आदेश दिया। जांच की प्रक्रिया में यह बड़ी सच्चाई निकलकर आई कि कोर्ट मोड़ स्थित उस दुकान में संचालित यह कार्यालय वास्तव में एक व्यक्ति—मनोज द्वारा चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, न तो यह कार्यालय किसी प्रकार से अधिकृत है और न ही इसे एफएसएसएआई या जिला प्रशासन द्वारा मान्यता प्राप्त है। पदाधिकारियों का मानना है कि इस नकली व्यवस्था के माध्यम से लोगों को जानबूझकर गुमराह किया जा रहा है और अवैध तरीके से उनकी जेब से धन निकाला जा रहा है। इस धोखाधड़ी की बात सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने उपायुक्त आदित्य रंजन और एसएसपी प्रभात कुमार को लिखित शिकायत भेजी है, ताकि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सके।
विभाग ने व्यापारियों से अपील की—सरकारी पोर्टल से ही लाइसेंस बनवाएं
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी खाद्य व्यवसायियों, होटल संचालकों, रेस्टोरेंट मालिकों और दुकानदारों को सर्तक रहने की गंभीर अपील की है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फूड लाइसेंस बनवाने के लिए लोग केवल और केवल अधिकृत सरकारी पोर्टल या जिला खाद्य सुरक्षा कार्यालय से ही संपर्क करें। किसी निजी कार्यालय, एजेंट या बिचौलिए के झांसे में आकर अनावश्यक रूप से अतिरिक्त राशि का भुगतान न करें। विभाग ने जोरदार शब्दों में यह बात दोहराई है कि लाइसेंस के लिए केवल सरकार द्वारा निर्धारित आधिकारिक शुल्क ही मान्य है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था अतिरिक्त राशि की मांग करे, तो तत्काल इसकी सूचना विभाग को दी जानी चाहिए। आयुक्त ने यह भी चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह की किसी भी गतिविधि के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।
