🟥 “श्मशान घाट जाने से पहले थमी शव यात्रा… सड़क पर रखी गई लाश, लोहरदगा में 3 घंटे तक जाम, DC की पहल पर हुआ अंतिम संस्कार”
बिहार के बाद अब झारखंड में भी शव यात्रा रोके जाने का मामला सामने आया है। लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र अंतर्गत सीठियो कोयल नदी घाट पर सरना समाज द्वारा शव यात्रा रोके जाने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को लोहरदगा–बेड़ों मुख्य पथ पर रखकर सड़क जाम कर दिया, जिससे करीब तीन घंटे तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।जानकारी के अनुसार सीठियो गांव निवासी पूनिया देवी का निधन हो गया था। ग्रामीण शव यात्रा निकालकर अंतिम संस्कार के लिए घाट जा रहे थे, तभी सेरेंगहातू गांव के सरना समाज के लोगों ने इसे “मसना का रास्ता” बताते हुए शव यात्रा रोक दी। इसके बाद दोनों गांवों के बीच विवाद गहराने लगा। सूचना पर सेन्हा थाना प्रभारी नीरज झा और अंचलाधिकारी पंकज भगत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन मामला बिगड़ता देख लोहरदगा उपायुक्त डॉ. कुमार ताराचंद, एसपी सादिक अनवर रिजवी और एसडीओ अमित कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने सरकारी रास्ता बताते हुए अपनी निगरानी में अंतिम संस्कार कराया। तनाव को देखते हुए पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया और एसएसबी की टीम भी तैनात की गई। सीठियो गांव के लोगों ने प्रशासन से स्थायी सरकारी रास्ता देने की मांग की है। उपायुक्त ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
🟥“लोहरदगा में शव यात्रा पर विवाद, सरना समाज ने रोका रास्ता… सड़क जाम, DC-SP मौके पर पहुंचे, पुलिस छावनी बना घाट”
लोहरदगा जिले में शव यात्रा रोके जाने की घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। सेन्हा थाना क्षेत्र के सीठियो गांव से निकली शव यात्रा को सेरेंगहातू गांव के सरना समाज ने मसना मार्ग बताते हुए रोक दिया। इसके बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और शव को मुख्य सड़क पर रखकर जाम कर दिया गया।करीब तीन घंटे तक लोहरदगा–बेड़ों मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप रहा। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया, लेकिन विवाद बढ़ता देख उपायुक्त डॉ. कुमार ताराचंद और एसपी सादिक अनवर रिजवी खुद मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने बताया कि यह सरकारी रास्ता है और किसी को रोकने का अधिकार नहीं है। अधिकारियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कराया गया। वहीं विरोध कर रहे सरना समाज के लोग लगातार शव यात्रा का विरोध करते रहे। स्थिति को देखते हुए सीठियो नदी घाट क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। भारी संख्या में पुलिस बल और एसएसबी की तैनाती की गई है। प्रशासन लगातार दोनों पक्षों से संवाद कर मामला शांत कराने में जुटा है।
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Tuesday, May 12

