कोयले की काली लड़ाई: साइडिंग में खूनी खेल, कौन बना दिलीप की मौत का जिम्मेदार?”
गिरिडीह में सीसीएल की सीपी साइडिंग मंगलवार रात अचानक रणभूमि में बदल गई, जब कोयला चोरों और सीसीएल कर्मियों के बीच हिंसक टकराव हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पथराव, मारपीट और चाकूबाजी शुरू हो गई। इस खूनी झड़प में खंडीहा निवासी दिलीप दास की चाकू लगने से मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतक के परिजनों ने सीसीएल अधिकारियों और कर्मियों पर सीधे हत्या का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी ओर, साइडिंग में तैनात कर्मियों का दावा है कि 40-50 की संख्या में आए लोगों ने पहले हमला किया और कोयला लदे वाहनों को रोककर तोड़फोड़ की। इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या यह महज चोरी का विवाद था या इसके पीछे कोई बड़ा खेल छिपा है?
“रात के अंधेरे में बुझ गई एक जिंदगी: कोयले की आग में झुलसता गिरिडीह”
गिरिडीह के सीपी साइडिंग में हुई हिंसक झड़प ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी। दिलीप दास, जो कथित तौर पर शौच के लिए बाहर निकले थे, अचानक इस खूनी संघर्ष का शिकार बन गए। परिजनों का आरोप है कि उन्हें घेरकर बेरहमी से चाकू मारा गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं सीसीएल कर्मियों का कहना है कि यह हमला कोयला चोरी के दौरान हुआ, जहां भीड़ ने पहले हमला कर दिया था। इस घटना में कई गार्ड घायल हुए हैं और इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी बाकी है—क्या दिलीप की मौत एक हादसा थी या इस काले कारोबार की साजिश का नतीजा?
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Wednesday, September 30

