धर्मेंद्र पटेल । दैनिक स्टेट
गया में ‘खटिया आंदोलन’! कोयला कारोबारी ने वसूली का निकाला अनोखा तरीका
करोड़ों का बकाया, घर के बाहर खटिया — व्यापारी ने खोला ‘मोर्चा’
गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्त्र के रानीगंज गड़ेरिया गांव में एक अनोखा नजारा पिछले 15 दिनों से देखने को मिल रहा है। चतरा जिले के परतापुर थाना क्षेत्र के सोनपुर निवासी कोयला कारोबारी धर्मेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना सिंह ने स्थानीय कोयला व्यापारी संतोष कुमार अग्रवाल के घर के बाहर खटिया लगाकर धरना दे दिया है। उनका कहना है कि उनके 4 करोड़ 61 लाख रुपये बकाया हैं और भुगतान नहीं हो रहा है। मामला सड़क से अदालत तक जाने की बजाय सीधे खटिया की शरण में पहुंच गया है। गांव वाले इसे “खटिया आंदोलन” का नाम दे चुके हैं। जब तक रुपये नहीं मिलेंगे, यह खटिया यहीं रहेगी — यह उनकी अंतिम चेतावनी है।
लोन का बोझ, बैंक का दबाव, फरार ठेकेदार — बकायादार की व्यथा
धर्मेंद्र सिंह का दर्द सिर्फ पैसों का नहीं, बल्कि बैंक के तगादे और बिगड़ती सेहत का भी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने बैंक से लोन लेकर कोयले का कारोबार किया था, लेकिन जब से पैसा नहीं मिला, बैंक वाले लगातार फोन कर रहे हैं। वहीं, संतोष कुमार अग्रवाल खुद से मिलने से लगातार बच रहे हैं। धर्मेंद्र कहते हैं — “हमसे मुलाकात भी नहीं कर रहे, घर से फरार चल रहे हैं। हमारी सेहत खराब हो गई, पर कोई सुनवाई नहीं।” बकाया राशि का कुछ हिस्सा पहले ही लिखित समझौते के तहत तय हो चुका था, लेकिन उसके बाद भी भुगतान ठप है। ऐसे में खटिया ही आखिरी हथियार बची है।
बचाव में आई पत्नी — “कोर्ट से लड़ेंगी केस, डर से नहीं दबेंगी”
जहाँ एक तरफ धर्मेंद्र सिंह खटिया पर डटे हैं, वहीं दूसरी तरफ संतोष कुमार अग्रवाल की पत्नी सरिता देवी ने मोर्चा संभाल लिया है। उनका साफ कहना है कि परिवार किसी भी दबाव में नहीं आएगा। उन्होंने कहा — “कोई लेन-देन विवाद है तो उसका समाधान सिर्फ न्यायालय के ज़रिए ही होगा। घर के बाहर धरने से हम मानसिक तनाव झेल रहे हैं, लेकिन हम डरेंगे नहीं।” सरिता देवी ने पुलिस महानिरीक्षक (IG) से मिलकर अपनी बात रखी है और पूरे मामले को कानूनी दायरे में रहते हुए सुलझाने की बात कही है। अब इस विवाद में पति बनाम पत्नी के बजाय खटिया बनाम कानून की जंग छिड़ गई है।
पुलिस की चेतावनी — बिना इजाजत धरना गलत, केस दर्ज करने की सलाह
इधर, इस पूरे प्रकरण पर गया के एसएसपी सुशील कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा है कि बिना अनुमति किसी के घर के बाहर बैठना उचित नहीं है। उन्होंने दोनों पक्षों को सलाह दी है कि यदि कोई बकाया या शिकायत है तो स्थानीय थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराएं। एसएसपी ने एसडीपीओ को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ किया कि प्राप्त शिकायतों के आधार पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की नजर इस अनोखे धरने पर है, और अब देखना यह है कि क्या खटिया कोर्ट का रुख करती है या फिर थाने का!
💡 मजेदार पहलू — कोयला बनाम खटिया की यह जंग
कोयला कारोबार में अक्सर अवैध वसूली, लेवी और ठगी के मामले सामने आते रहे हैं — छत्तीसगढ़ में 650 करोड़ के कोयला घोटाले से लेकर बिलासपुर में 68 लाख की ठगी तक। लेकिन गया के इस मामले में एक कोयला कारोबारी ने ‘खटिया’ को अपना हथियार बना लिया है। आमतौर पर देखा जाता है कि लोग हड़ताल, प्रदर्शन या धरना देते हैं, लेकिन यहाँ तो खटिया डालकर सोने का तरीका अपनाया गया है! देखते हैं कि इस अनोखी वसूली का क्या नतीजा निकलता है — खटिया जीतेगी या कानून?

