सड़क हादसा नहीं, साजिश थी! खूँटी में राधेश्याम हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा
जंगल में मिला शव, हादसा समझी गई मौत ने लिया हत्या का मोड़
खूँटी जिले के रनिया थाना क्षेत्र में 15 जून को तांबा जंगल के पास एक व्यक्ति का शव उसकी स्कूटी के साथ बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। मृतक की पहचान राधेश्याम साहू के रूप में हुई थी। घटनास्थल की स्थिति देखकर पहली नजर में यह मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा था। स्कूटी शव के ऊपर गिरी हुई थी और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मौजूद थे। हालांकि पुलिस को घटनास्थल से मिले कुछ संकेतों ने मामले को संदिग्ध बना दिया। इसके बाद जांच की दिशा बदली और वैज्ञानिक तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गहराई से पड़ताल शुरू की गई। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे एक ऐसी कहानी सामने आई जिसने पूरे जिले को हैरान कर दिया। जिस मौत को लोग दुर्घटना मान रहे थे, वह दरअसल बेहद सुनियोजित हत्या निकली।
लिव-इन पार्टनर बनी साजिश की सूत्रधार, बेटे और साथी ने दिया वारदात को अंजाम
खूँटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग के अनुसार, जांच में पता चला कि राधेश्याम साहू और उसके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही लक्ष्मी देवी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। आए दिन होने वाले झगड़े और तनाव ने रिश्ते को कड़वाहट में बदल दिया था।
पुलिस के मुताबिक, लक्ष्मी देवी राधेश्याम के साथ अपना संबंध खत्म करना चाहती थी। उसने अपनी परेशानी अपने पहले पति से हुए 18 वर्षीय पुत्र रविन्द्र मांझी को बताई। इसके बाद रविन्द्र ने अपने साथी संदीप मांझी के साथ मिलकर राधेश्याम को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। जांच में सामने आया कि तीनों ने मिलकर हत्या की पूरी साजिश तैयार की और वारदात को अंजाम देने के लिए सही मौके का इंतजार किया।
हत्या के बाद रचा गया हादसे का नाटक, लेकिन तकनीकी जांच ने खोल दिया राज
पुलिस जांच के अनुसार, 15 जून की रात आरोपी राधेश्याम के घर पहुंचे और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उसे उसकी ही स्कूटी से तांबा जंगल की ओर ले जाया गया। सुनसान स्थान पर डंडे से हमला करने के बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने पुलिस और लोगों को गुमराह करने के लिए पूरी घटना को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। शव को क्षत-विक्षत किया गया और उसके ऊपर स्कूटी डाल दी गई, ताकि मामला हादसा लगे। लेकिन मोबाइल फोन की लोकेशन, तकनीकी साक्ष्य, घटनास्थल से मिले सुराग और लगातार पूछताछ ने आरोपियों की कहानी को ध्वस्त कर दिया।
पुलिस ने लक्ष्मी देवी, रविन्द्र मांझी और संदीप मांझी को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल किया गया डंडा, स्कूटी, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं। तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस खुलासे के बाद खूँटी में यह मामला चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है और एक बार फिर साबित हुआ है कि अपराधी कितनी भी चालाकी कर लें, आधुनिक जांच तकनीक के सामने सच्चाई ज्यादा दिनों तक छिप नहीं सकती।
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Monday, July 13
