गिरिडीह: गांवा बाजार में मनचले की सरेराह चप्पलों से पिटाई, वीडियो वायरल
गिरिडीह (गांवा): झारखंड के गिरिडीह जिले के गांवा थाना क्षेत्र अंतर्गत गांवा बाजार में बुधवार को एक मनचले युवक को महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करना भारी पड़ गया। आरोपी युवक बाजार में मौजूद महिलाओं पर फब्तियां कस रहा था और उनके साथ छेड़खानी का प्रयास कर रहा था। युवक की इन हरकतों से तंग आकर एक पीड़ित महिला ने साहस दिखाया और उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। साहसी महिला ने बीच बाजार में ही युवक का कॉलर पकड़ लिया और सरेआम चप्पलों से उसकी जमकर धुनाई कर दी। इस दौरान वहां भारी भीड़ जमा हो गई। चप्पलों से पिटाई का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें महिला अपना गुस्सा निकालते हुए आरोपी को कड़ा सबक सिखाती नजर आ रही है। आसपास मौजूद लोग भी महिला के इस कदम की सराहना करते दिखे।घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया है और जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर युवक की पहचान की जा रही है और उसके विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने क्षेत्र की महिलाओं को आश्वस्त किया है कि सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना के बाद से बाजार क्षेत्र में मनचलों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
गांवा बाजार में मनचले की चप्पलों से पिटाई, अब सोशल मीडिया पर “कॉकरोच गैंग” एंगल की चर्चा
झारखंड के गिरिडीह जिले के गांवा बाजार में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने वाले एक युवक की बीच बाजार चप्पलों से जमकर पिटाई कर दी गई। बताया जा रहा है कि युवक बाजार आने-जाने वाली महिलाओं और युवतियों पर फब्तियां कसता था। बुधवार को भी उसने एक महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया, जिसके बाद महिला ने साहस दिखाते हुए उसे बाजार में ही पकड़ लिया और चप्पलों से पिटाई शुरू कर दी। घटना के दौरान बाजार में भारी भीड़ जुट गई और लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में महिला युवक को खरी-खोटी सुनाते हुए विरोध दर्ज कराती नजर आ रही है। इधर, घटना के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे तथाकथित “कॉकरोच जनता पार्टी” और “काकरोच गैंग” से जोड़कर प्रचारित करने की तैयारी में जुट गए हैं। स्थानीय लोगों ने ऐसे भ्रामक प्रचार से सावधान रहने की अपील की है। उनका कहना है कि महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ विरोध वर्षों से होता आया है, इसे बेवजह किसी काल्पनिक गैंग या सस्ती लोकप्रियता से जोड़ना गलत है।

