87 लाख के मुआवजे पर अदालत का बड़ा एक्शन! रामगढ़ डीसी की गाड़ी तक होगी कुर्क
रामगढ़ सिविल कोर्ट ने भूमि अधिग्रहण मुआवजा मामले में बड़ा और सख्त फैसला सुनाते हुए उपायुक्त रामगढ़ की चल संपत्तियों की कुर्की का आदेश जारी किया है। सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-II सह विशेष न्यायाधीश (एलए) शिवेंदु द्विवेदी की अदालत ने यह आदेश लगभग 87.43 लाख रुपये की बकाया राशि की वसूली के लिए दिया। मामला लैंड रेफरेंस केस संख्या 26/1986 और एक्जीक्यूशन केस संख्या 4/2004 से जुड़ा है। अदालत ने कहा कि वर्ष 2004 में दिए गए अवार्ड के अनुसार मुआवजा राशि के साथ 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान होना था, लेकिन दो दशक बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ। इसके बाद अदालत ने बैलिफ को सरकारी वाहन सहित अन्य चल संपत्तियों की कुर्की का निर्देश दिया। 25 मई तक कार्रवाई रिपोर्ट भी तलब की गई है।
22 साल बाद भी नहीं मिला मुआवजा, कोर्ट ने रामगढ़ प्रशासन पर कसा शिकंजा
भूमि अधिग्रहण के बदले मुआवजा नहीं मिलने से जुड़े रामगढ़ के सबसे पुराने मामलों में अदालत ने प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। सिविल कोर्ट ने 87 लाख 43 हजार रुपये से अधिक की बकाया राशि वसूलने के लिए उपायुक्त रामगढ़ की चल संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया। अदालत ने माना कि वर्ष 2004 में पारित अवार्ड के बावजूद प्रभावित रैयतों को अब तक उनका अधिकार नहीं मिला। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि इतने लंबे समय तक भुगतान लंबित रखना गंभीर लापरवाही है। कोर्ट ने बैलिफ को निर्देश दिया कि डीसी कार्यालय से संबंधित सरकारी वाहन, फर्नीचर और अन्य चल संपत्तियों की सूची बनाकर कुर्की की कार्रवाई की जाए। यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो संपत्तियां अगले आदेश तक जब्त रहेंगी। इस फैसले से प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।
रामगढ़ कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश! मुआवजा नहीं दिया तो डीसी ऑफिस की संपत्ति होगी जब्त
रामगढ़ न्यायमंडल के सबसे पुराने भूमि अधिग्रहण निष्पादन मामलों में से एक में अदालत ने ऐतिहासिक आदेश पारित किया है। सिविल जज शिवेंदु द्विवेदी की अदालत ने करीब 87.43 लाख रुपये की बकाया मुआवजा राशि नहीं चुकाने पर उपायुक्त रामगढ़ की चल संपत्तियों की कुर्की का निर्देश दिया। न्यायालय ने कहा कि वर्ष 2004 में पारित अवार्ड के तहत मूल मुआवजा राशि के साथ 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना अनिवार्य था, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ। अदालत ने बैलिफ को तत्काल कार्रवाई करते हुए सरकारी वाहन समेत अन्य चल संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भुगतान होने तक संपत्तियां न्यायालय के नियंत्रण में रहेंगी। साथ ही 25 मई तक वारंट निष्पादन की विस्तृत रिपोर्ट अदालत में दाखिल करने का निर्देश भी दिया गया है।
Breaking
- पत्नियां जिंदा, तीसरी की तैयारी! दूल्हे की शादी में पुलिस ने लगाई ‘ब्रेक’, बोला- बस कर मंजर भाई! पढ़िए पूरी कहानी ……
- धनबाद मेयर ने रोकी ओबी डंपिंग! झरिया में मारपीट-फायरिंग, जानें पूरी घटना
- बोकारो लेक रोड पर भीषण सड़क हादसा, दो कारों की टक्कर में बीएसएल कर्मी समेत 3 गंभीर घायल
- 6 लाख का आम ट्रक खाक, तीन दुकानें राख! बोकारो की दुंदी बाग मंडी में आग से हड़कं।जानिए कैसे लगी आग
- धनबाद : अवैध खनन के विरोध की कीमत या बड़ी साजिश? बाघमारा के ग्रामीणों ने दी रणधीर वर्मा चौक पर आंदोलन की चेतावनी
- डीएसपी राधा प्रेम किशोर ने 24 घंटे के अंदर बरही हत्याकांड का किया खुलासा : हत्यारा जीजा का खेल उजागर
- पाकुड़ में मौत का तांडव:दो की मौत तीन दर्जन घायल ! पढ़िए शहनाइयों की गूंज अचानक कैसे मातम में बदली?
- क्या सच में गिरिडीह के कोयला तस्कर हैं सबसे ‘स्मार्ट’? बैलगाड़ी वाला खेल जानकर चौंक जाएंगे आप
Sunday, June 14
