पीले टोटो वाला ‘गड्ढा योद्धा’! रामगढ़ की सड़कों पर 65 साल का फरिश्ता बांट रहा सुरक्षित सफर की गारंटी। रामगढ़ की सड़कों पर इन दिनों एक पीला टोटो लोगों के बीच कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है। इस टोटो में न कोई यात्री बैठता है और न कोई व्यापारिक सामान ढोया जाता है। दरअसल इसमें भरी रहती है मिट्टी, बालू, ईंट और पत्थर… और इन्हीं के सहारे 65 वर्षीय कमल चरण महतो शहर के जानलेवा गड्ढों को भरने निकल पड़ते हैं। थाना चौक से लेकर टायर मोड़ और नए मोड़ रोड तक सुबह-सुबह उनका यह मिशन दिखाई देता है। सरकारी मरम्मत के इंतजार में टूटी सड़कें जहां हादसों को दावत दे रही हैं, वहीं कमल चरण अपने बूढ़े हाथों से राहगीरों की जिंदगी सुरक्षित करने में जुटे हैं। लोग अब उन्हें “गड्ढा योद्धा” और “रोड डॉक्टर” कहकर सम्मान देने लगे हैं। सोए हुए सिस्टम के बीच जागा बुजुर्ग ! जानिए ‘रोड डॉक्टर की दास्तान’। जहां सरकारी विभाग फाइलों और टेंडरों के जाल में उलझे हैं, वहीं रामगढ़ का एक बुजुर्ग इंसान बिना किसी प्रचार और मदद के सड़क सुरक्षा की लड़ाई लड़ रहा है। 65 वर्षीय कमल चरण महतो रोज सुबह अपने पीले टोटो में बालू, मिट्टी और ईंट लेकर निकलते हैं और शहर के खतरनाक गड्ढों की मरम्मत करते हैं। उनका कहना है कि हर भरा हुआ गड्ढा किसी परिवार को हादसे से बचा सकता है। लोगों के मुताबिक कई बार बाइक सवार और स्कूली बच्चे इन गड्ढों की वजह से चोटिल हो चुके हैं। ऐसे में कमल चरण का यह अभियान इंसानियत की मिसाल बन गया है। उनके कपड़े मिट्टी से जरूर सने रहते हैं, लेकिन उनका जज्बा पूरे शहर के लिए उम्मीद की नई तस्वीर बन चुका है। खालसा ड्राइविंग स्कूल के विक्की छावड़ा भी हुए ‘गड्ढा बाबा’ के जज्बे के कायल। खालसा ड्राइविंग स्कूल वाले विक्की छावड़ा बताते हैं कि अहले सुबह जब वे घूमने निकलते थे, तब अक्सर एक पीले टोटो वाले बुजुर्ग को सड़क किनारे गड्ढे भरते देखते थे। शुरुआत में उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर यह व्यक्ति रोज सुबह मिट्टी, बालू और ईंट लेकर सड़कों पर क्या कर रहा है। लेकिन अगले ही दिन जब वे उसी रास्ते से गुजरे तो कई खतरनाक गड्ढे भरे हुए मिले। तभी उन्हें इस ‘अजब मिशन’ का मतलब समझ आया। कई दिनों बाद उनकी मुलाकात 65 वर्षीय कमल चरण महतो से हुई। विक्की ने जब उनसे इस काम की वजह पूछी तो वे सिर्फ मुस्कुरा दिए। वह मुस्कान बहुत कुछ कह रही थी… शायद वही मुस्कान वे हर सुरक्षित राहगीर के चेहरे पर देखना चाहते हैं।
Breaking
- सासाराम स्टेशन पर धधकी पटना जाने वाली ट्रेन! आग से ज्यादा रेलवे की इस बड़ी चूक ने उड़ाए होश
- Google पर अस्पताल का नंबर खोजना BJP नेता को पड़ा भारी! खाते से उड़ गए लाखों रुपये
- पाकुड़ में मासूम संग हैवानियत ! रातभर चली दरिंदगी, सुबह पुलिस ने 7 को दबोचा
- श्मशान में हुई शादी! गिरिडीह में युवती की मौत के बाद आरोपी युवक ने भरी मांग, पुलिस भी रह गई सन्न
- रामगढ़ की सड़कों पर कौन है ‘पीले टोटो’ वाला रहस्यमयी बुजुर्ग? जो भरता है मौत के गड्ढे!
- वासेपुर का ‘खजांची’ गिरफ्तार! SP प्रभात कुमार की चाल में फंसा प्रिंस खान… पढ़िए अंदरखाने का हाल, अब किस-किस पर गिरेगी गाज!
- प्रार्थना के दौरान एक-एक कर गिरने लगीं छात्राएं! शेखपुरा के कस्तूरबा स्कूल में मचा हड़कंप
- उड़ीसा से चाईबासा तक ‘रेड गोल्ड’ का काला साम्राज्य! झारखंड के कोने-कोने में फैले सिंडीकेट का असली मास्टरमाइंड कौन?
Monday, May 18

