🔥 धनबाद: कोयले की ‘काली दुनिया’ में एक बार फिर बारूद का धुआँ — तीन घायल, सिस्टम मौन!
— कतरास के कैलूडीह मैदान में आधी रात गूँजीं गोलियाँ, दहशत में डूबा पूरा इलाका
झारखंड की ‘कोयला राजधानी’ धनबाद एक बार फिर शर्मसार हुई है। जिस धरती के काले हीरे ने देश को रोशन किया, उसी धरती पर अवैध कोयले के ‘काले साम्राज्य’ की लड़ाई ने बुधवार की आधी रात को बारूद की बदबू फैला दी। कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद स्थित कैलूडीह मैदान के पास रात के ठीक एक बजे — जब शरीफ लोग नींद में थे और सिस्टम ‘गहरी नींद’ में था — दो सशस्त्र गुटों के बीच ऐसी अंधाधुंध फायरिंग हुई कि पूरा इलाका थर्रा उठा।
🩸 गोली चली, खून बहा — तीन जख्मी
स्कॉर्पियो में सवार हथियारबंद बदमाशों का एक गुट छाताबाद मैदान की ओर से आया और कैलूडीह मस्जिद भवन के पास पहुँचते ही ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। दूसरे पक्ष ने भी मोर्चा संभाला और जवाबी गोलियाँ दागीं। दोनों ओर से करीब 50 राउंड गोलियाँ चलीं — मानो कोई युद्धक्षेत्र हो, कोई आबादी वाला मोहल्ला नहीं।इस खूनी मुठभेड़ में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए —
- मो. तौसिफ (छाताबाद निवासी) — कंधे में गोली, हालत गंभीर, दुर्गापुर रेफर
- नीतीश कुमार यादव — जाँघ में गोली, निचितपुर क्लिनिक में इलाजरत
- एक अन्य अज्ञात व्यक्ति — शिनाख्त जारी, इलाज चल रहा है
🚔 पुलिस पहुँची — ‘जल्द गिरफ्तारी होगी’
घटना की खबर मिलते ही बाघमारा एसडीपीओ अजीत कुमार विमल, कतरास थानेदार प्रवीण कुमार और अंचल इंस्पेक्टर मो. रुस्तम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। फॉरेंसिक टीमें खोखे बटोरने लगीं, गश्त तेज हो गई और बयान आया — “जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।” इससे में सबसे बड़ा सवाल है क्या यह वही ‘जल्द’ है जो कोयलांचल में वर्षों से आती रही है लेकिन कभी खत्म नहीं होती
⚫ असली सवाल: कोयला चोर बेलगाम क्यों?
यह घटना कोई अपवाद नहीं, अवैध कोयले का कारोबार में आए दिन इस तरह की घटन देखनेबको मिलती है ऐसे में कई सवाल उठ रहे है आखिर
- पुलिस की ‘आँखें’ अवैध खनन पर क्या मेहरबान है?
- क्या स्थानीय स्तर पर राजनीति दलों का संरक्षण कोयला माफिया की ‘सुरक्षा कवच’ बनी हुई है ?
📢 ग्रामीणों का आक्रोश — ‘पोल खोलो’ आंदोलन जारी
इस घटना से पहले से ही क्षेत्र के ग्रामीण अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ सड़कों पर उतरे हुए हैं। पिछले कई दिनों से उनका ‘पोल खोलो अभियान’ जारी है। वे जानते हैं कि इस काले खेल में सिर्फ खिलाड़ी नहीं, खेल के मालिक भी हैं — जो कभी कैमरे में नहीं आत

