ऑपरेशन लंगड़ा: रामगढ़ में एसपी मुकेश कुमार लूनायत की बड़ी कार्रवाई , शिवराज उर्फ शिवा डोम, जानिए अपराध की पूरी कुंडली
रामगढ़: बिहार और उत्तर प्रदेश के बाद अब झारखंड के रामगढ़ जिले में भी अपराधियों के खिलाफ पुलिस का सख्त अभियान चर्चा में है। रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लूनायत के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ के तहत पुलिस कार्रवाई में कुख्यात अपराधी शिवराज उर्फ शिवा डोम घायल हो गया। शिवा डोम पर हत्या की कोशिश, फायरिंग, अवैध हथियार रखने और रंगदारी जैसे कई गंभीर आरोप दर्ज थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज है , जिनमें अधिकांश आर्म्स एक्ट और फायरिंग से जुड़े हैं।
दसई मांझी के घर फायरिंग के बाद बना पुलिस का बड़ा टारगेट
31 दिसंबर 2025 की रात उरीमारी के मांझी टोला (बड़का सयाल) में दसई मांझी के घर पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में शिवराज उर्फ शिवा डोम का नाम प्रमुख आरोपियों में सामने आया था। पुलिस जांच में इस वारदात के तार राहुल दुबे गैंग से जुड़े बताए गए। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी और पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। इसी केस ने शिवा को रामगढ़ पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में ला दिया।
राहुल दुबे गैंग से कनेक्शन, हथियारों के साथ गिरफ्तारी भी हुई थी
8 जनवरी 2026 को हजारीबाग पुलिस ने राहुल दुबे गैंग से जुड़े 10 अपराधियों को भारी मात्रा में हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार अपराधियों में शिवराज उर्फ शिवा भी शामिल था। पुलिस के अनुसार, यह गैंग रामगढ़ और आसपास के इलाकों में रंगदारी, फायरिंग और आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता था। दसई मांझी के घर फायरिंग की जिम्मेदारी भी इसी गैंग ने ली थी। गिरफ्तारी के बाद शिवा को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
पिता पर हमला और पुरानी गैंगवार ने बढ़ाई दुश्मनी
करीब पांच महीने पहले जब शिवराज हजारीबाग जेल में बंद था, उसी दौरान उसके पिता बिहारी राम पर उरीमारी के सयाल-जमुरिया बाजार में बाइक सवार अपराधियों ने पीछे से गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल बिहारी राम को पहले सीसीएल अस्पताल भुरकुंडा और फिर रांची रेफर किया गया था। पुलिस ने शुरुआती जांच में इस वारदात के पीछे पुरानी रंजिश और सक्रिय आपराधिक गिरोहों की गैंगवार की आशंका जताई थी। माना गया कि बेटे के आपराधिक विवादों का असर परिवार तक पहुंच चुका था।
2024 से लगातार बढ़ता गया आपराधिक रिकॉर्ड, आर्म्स एक्ट के मामलों की भरमार
शिवराज उर्फ शिवा डोम का नाम पहली बार बड़े स्तर पर जुलाई 2024 में सामने आया, जब सयाल पोड़ा गेट के पास कोयला व्यवसायी ओमप्रकाश साव को गोली मारकर घायल करने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उसके पास से पिस्टल और वारदात में प्रयुक्त बाइक भी बरामद की थी। इसके बाद उसके खिलाफ पतरातू, बरकागांव और भुरकुंडा थाना क्षेत्रों में आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास, फायरिंग और संगठित अपराध से जुड़े कई मामले दर्ज हुए। पुलिस रिकॉर्ड में पतरातू थाना कांड संख्या 181/24, 182/24, बरकागांव थाना कांड संख्या 286/25 और 01/26,लोहसिंघना थाना कांड संख्या 57/26 दिनांक 22.05.2026 धारा 111(2)/ 61(2) bns एवं 25(1-B)a/25(6)/26/27 Arms Act सहित आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। इन्हीं मामलों के आधार पर वह रामगढ़ पुलिस की निगरानी सूची में शामिल था और अंततः ऑपरेशन लंगड़ा के दौरान पुलिस कार्रवाई ने साफ संकेत दे डाले है कि एफ अपराधियों की खैर नहीं

