रामगढ़ पुलिस का डिजिटल वार! 1,971 अपराधियों की बनेगी डिजिटल कुंडली, अपराध नियंत्रण के लिए 36 सदस्यीय स्पेशल विंग गठित
दैनिक स्टेट डेस्क । धर्मेंद्र पटेल
रामगढ़ पुलिस ने अपराध और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए तकनीक आधारित बड़ी पहल की है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय, रामगढ़ द्वारा 4 जुलाई 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार जिले में 36 सदस्यीय “Crime Prevention & Detection Wing (C.P. & D.W.)” का गठन किया गया है। इसके साथ ही आरोप-पत्रित अपराधियों की डिजिटल प्रोफाइल तैयार करने और उनकी लगातार निगरानी के लिए Digital Criminal Monitoring Portal विकसित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य अपराधों का त्वरित उद्भेदन, सक्रिय अपराधियों की निगरानी और पुनरावृत्ति रोकना है।
1,971 आरोप-पत्रित अपराधियों का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड तैयार
रामगढ़ पुलिस ने वर्ष 1 जनवरी 2021 से 31 मार्च 2026 तक विभिन्न गंभीर अपराधों में आरोप-पत्रित 1,971 अपराधियों का विस्तृत डाटा तैयार किया है। इसमें हत्या, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस, चोरी, वाहन चोरी, रंगदारी, डकैती, लूट, छिनतई, गृहभेदन और अन्य मामलों के आरोपी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार इनमें 1,374 रामगढ़ जिले के, 458 अन्य जिलों के तथा 139 दूसरे राज्यों के अपराधी शामिल हैं। अब इन सभी की गतिविधियों पर डिजिटल माध्यम से निगरानी रखी जाएगी।
हर अपराधी का होगा डुअल वेरिफिकेशन और डिजिटल प्रोफाइलिंग
नई व्यवस्था के तहत किसी भी आरोप-पत्रित अपराधी का केस पुलिस स्टेशन और उसके वर्तमान निवास वाले एड्रेस पुलिस स्टेशन दोनों स्तर पर भौतिक सत्यापन (Dual Criminal Verification) कराया जाएगा। इसके बाद उसकी पूरी जानकारी डिजिटल पोर्टल पर सुरक्षित रखी जाएगी। इसमें अपराधी का इतिहास, वर्तमान पता, सत्यापन रिपोर्ट, अपराध करने का तरीका (Modus Operandi) और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं दर्ज रहेंगी। इससे किसी भी नई आपराधिक घटना की जांच में पुलिस को तुरंत आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।
जेल से छूटे अपराधियों पर भी रहेगी पैनी नजर
रामगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह पोर्टल केवल पुराने रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहेगा। जेल से जमानत या रिहाई के बाद बाहर आने वाले अपराधियों की भी नियमित निगरानी और सत्यापन किया जाएगा। जिन मामलों में आवश्यकता होगी वहां हिस्ट्रीशीट खोलने, निगरानी प्रस्ताव, सीसीए प्रस्ताव, जमानत निरस्तीकरण, पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई तथा गुंडा पंजी में प्रविष्टि जैसी कानूनी प्रक्रियाएं भी तेज की जाएंगी। पुलिस का मानना है कि इससे आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
अपराध पर टेक्नोलॉजी का वार, जनता से भी मांगा सहयोग
36 सदस्यीय इस विशेष विंग में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), सभी थाना प्रभारी, ओपी प्रभारी तथा नोडल अधिकारी शामिल किए गए हैं। यह टीम सीधे पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में कार्य करेगी और समय-समय पर इसकी समीक्षा बैठक होगी। रामगढ़ पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी अपराधी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी हो तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस का मानना है कि तकनीक और जनसहयोग के मेल से अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
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Saturday, July 4

