कलह बनी काल — कुएं में कूदकर विवाहिता ने दी जान
पाकुड़ जिले के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ी अलीगंज में शनिवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। क्षेत्र निवासी विवाहिता अकीबा खातून ने पारिवारिक कलह से तंग आकर घर के समीप स्थित कुएं में छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों को जब इसकी भनक लगी, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मौके पर पहुंची भीड़ ने सूचना पुलिस को दी। स्थानीय लोगों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकाला गया। पूरे मोहल्ले में इस दुखद खबर से कोहराम मच गया और शोक की लहर दौड़ गई। मृतका की उम्र अधिक नहीं थी और वह दो छोटी बेटियों की मां थी, जिससे यह हादसा और भी मार्मिक बन गया।
तीन-चार वर्षों से चला आ रहा था घरेलू विवाद — धीरे-धीरे टूटती रही अकीबा
जानकारी के अनुसार, अकीबा खातून और उसके पति इरफान शेख के बीच पारिवारिक तनाव कोई एकाएक उत्पन्न हुई स्थिति नहीं थी। पड़ोसियों और परिचितों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच पिछले तीन से चार वर्षों से विवाद चला आ रहा था। इस लंबे कालखंड में अकीबा ने घुट-घुटकर जीवन बिताया। न घर में चैन था, न बाहर कोई सहारा। आस-पड़ोस के लोगों ने बताया कि कई बार झगड़े की आवाजें सुनाई देती थीं, लेकिन किसी को अंदेशा नहीं था कि यह सिलसिला इस दर्दनाक अंजाम तक पहुंचेगा। सूत्रों के मुताबिक, अकीबा ने कई बार अपनी पीड़ा परिजनों के सामने रखी, मगर हालात सुधरे नहीं और अंततः वह टूट गई।
पिता का गंभीर आरोप — “दामाद करता था मारपीट, बेटी मानसिक रूप से थी प्रताड़ित”
मृतका के पिता यूसुफ शेख ने अपनी बेटी की मौत पर गहरा दुख जताते हुए दामाद इरफान शेख पर संगीन आरोप लगाए। उन्होंने मीडिया के सामने रोते हुए कहा — “मेरी बेटी को उसका पति अक्सर मारता-पीटता था। उसे घर में मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। हमने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन हालात नहीं बदले।” यूसुफ शेख ने यह भी आशंका जताई कि उनकी बेटी की मौत के पीछे उसके पति की कोई भूमिका हो सकती है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही संभव होगी। परिजनों की मांग है कि पुलिस निष्पक्ष जांच करे और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
पुलिस ने संभाला मोर्चा — पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी जांच की दिशा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी अनिल कुमार गुप्ता पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया, स्थानीय लोगों और परिजनों से पूछताछ की तथा आवश्यक साक्ष्य जुटाने का कार्य प्रारंभ किया। शव को विधिवत कुएं से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, पाकुड़ भेज दिया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह मामला संदिग्ध परिस्थितियों वाला है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही मौत के कारणों की पुष्टि होगी। इसके पश्चात पिता की शिकायत के आलोक में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामला फिलहाल नगर थाना पुलिस की सक्रिय जांच में है।
दो मासूम बेटियां हुईं बेसहारा — समाज में उठ रहे घरेलू हिंसा पर गंभीर सवाल
इस पूरी त्रासदी का सबसे दर्दनाक पहलू है अकीबा की दो मासूम बेटियां, जो अब अपनी मां की ममता से हमेशा के लिए महरूम हो गई हैं। छोटी-सी उम्र में इन बच्चियों के सिर से मां का साया उठ गया। मां की असमय मौत के बाद इन बच्चियों का भविष्य अधर में लटक गया है। इस घटना ने एक बार फिर समाज में घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना जैसी गंभीर समस्याओं पर बहस छेड़ दी है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे मामलों में परिवार और समाज दोनों को समय रहते हस्तक्षेप करना चाहिए। महिलाओं को आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और प्रशासन को घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए सहायता तंत्र और मजबूत बनाना चाहिए।

