धर्मेंद्र पटेल । दैनिक स्टेट
धनबाद पुलिस का बड़ा संदेश! पहले ढका चेहरा, फिर हटा नकाब… क्या प्रिंस खान गैंग के खिलाफ बदली है नई रणनीति?
पहले ढका चेहरा, फिर हटा नकाब… प्रेस कॉन्फ्रेंस की इस तस्वीर ने खड़े किए कई सवाल
धनबाद पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस की तस्वीरें पहली नजर में सामान्य लग सकती हैं, लेकिन इन्हें गौर से देखने पर एक अलग तस्वीर सामने आती है। शुरुआत में गिरफ्तार दोनों आरोपियों के चेहरे कपड़े से ढके हुए थे, लेकिन कुछ ही देर बाद पुलिस ने उनका नकाब हटाकर मीडिया के सामने पेश किया। आमतौर पर गिरफ्तार आरोपियों का चेहरा ढका जाता है, ऐसे में इस बदलाव ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि पुलिस ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन तस्वीरें अपने आप में एक अलग संदेश देती नजर आती हैं।
क्या प्रिंस खान गैंग को सामाजिक संदेश देना चाहती है पुलिस?
धनबाद पुलिस पिछले कई महीनों से कुख्यात प्रिंस खान गिरोह के नेटवर्क को खत्म करने के अभियान में जुटी है। ऐसे में मीडिया के सामने आरोपियों का चेहरा खुला रखना कई लोगों की नजर में सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि गैंग से जुड़े लोगों के लिए कड़ा संदेश भी माना जा रहा है। इसका आशय यह भी निकाला जा रहा है कि जो भी इस गिरोह से जुड़ेगा, उसे सिर्फ कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि समाज के सामने भी जवाबदेह होना पड़ेगा। हालांकि यह केवल घटनाक्रम के आधार पर किया गया विश्लेषण है; पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है।
हत्या की बड़ी साजिश नाकाम, जमीन कारोबारी और होटल व्यवसायी थे निशाने पर
धनबाद पुलिस के अनुसार गुप्त सूचना के आधार पर भूली ओपी क्षेत्र के बी पॉलिटेक्निक के पास जंगल में विशेष छापेमारी की गई। यहां से शोएब कुरैशी और गुलाम गौस उर्फ छोटू कुरैशी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि दोनों प्रिंस खान गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं और एक स्थानीय जमीन कारोबारी तथा होटल व्यवसायी की हत्या की योजना बना रहे थे। समय रहते कार्रवाई होने से संभावित गैंगवार और बड़ी आपराधिक वारदात टल गई।
पिस्टल, जिंदा बम और मोबाइल बरामद, व्हाट्सएप चैट से खुलेंगे नेटवर्क के राज
गिरफ्तार आरोपियों के पास से ‘मेड इन इटली’ अंकित अवैध पिस्टल, ‘किंग KGF’ अंकित पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, दो जिंदा बम और मोबाइल फोन बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने प्रिंस खान गिरोह से जुड़े होने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार गुलाम गौस ने बताया कि वह व्हाट्सएप के माध्यम से गोपी खान और प्रिंस खान के संपर्क में था। अब मोबाइल की फॉरेंसिक जांच के जरिए पूरे नेटवर्क और अन्य संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, पूरे नेटवर्क पर वार… धनबाद पुलिस का अगला मिशन
सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने यह कार्रवाई की है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। धनबाद में संगठित अपराध, रंगदारी और सुपारी किलिंग पर अंकुश लगाने की दिशा में इसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस का स्पष्ट लक्ष्य केवल दो आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे प्रिंस खान नेटवर्क को कानून के दायरे में लाना है।

