धर्मेंद्र पटेल । दैनिक स्टेट
फरियादी बन SDPO के दरवाजे पहुंचा ‘नाग’! वफादार कुत्ते ने रोकी एंट्री, फिर शुरू हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा
पाकुड़/महेशपुर: झारखंड के पाकुड़ जिले के महेशपुर अनुमंडल में उस समय अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला, जब करीब 5.5 फीट लंबा भारतीय नाग (स्पेक्टेकल्ड कोबरा) सीधे एसडीपीओ विजय कुमार के सरकारी आवास के मुख्य दरवाजे तक पहुंच गया। मजाकिया अंदाज में लोगों के बीच चर्चा रही कि मानो कोई “फरियादी” अपनी शिकायत लेकर SDPO के दरवाजे पहुंचा हो। लेकिन घर के वफादार पालतू कुत्ते ने लगातार भौंककर उसकी एंट्री रोक दी। नाग ने भी फन फैलाकर डेरा जमा लिया, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। समय रहते सभी लोग सतर्क हो गए और संभावित हादसा टल गया।
फन फैलाकर बैठा रहा जहरीला कोबरा, SDPO विजय कुमार डरने के बजाय मोबाइल से बनाते रहे वीडियो
महेशपुर SDPO आवास पर मौजूद कर्मियों के बीच उस समय दहशत फैल गई, जब जहरीला भारतीय नाग फन फैलाकर बैठ गया। कई लोग सुरक्षित दूरी पर चले गए, लेकिन SDPO विजय कुमार पूरे घटनाक्रम को शांत भाव से अपने मोबाइल में रिकॉर्ड करते रहे। मौजूद लोगों ने मजाक में कहा कि “साहब तो ऐसे वीडियो बना रहे थे, जैसे किसी फरियादी की शिकायत दर्ज कर रहे हों।” हालांकि किसी ने भी घबराकर सांप पर हमला करने या उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं की, जिससे स्थिति नियंत्रण में बनी रही।
खाकी का संवेदनशील चेहरा आया सामने, गुस्साए नाग पर नहीं किया बल प्रयोग… धैर्य और समझदारी से टला बड़ा हादसा
पुलिस पर अक्सर सख्ती और बल प्रयोग के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन पाकुड़ के महेशपुर में सामने आई यह घटना खाकी का एक अलग और संवेदनशील चेहरा दिखाती है। एसडीपीओ विजय कुमार के सरकारी आवास में 5.5 फीट लंबा भारतीय नाग पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने न तो लाठी-डंडे का सहारा लिया और न ही किसी तरह का बल प्रयोग किया। पूरी टीम ने धैर्य, संयम और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए तुरंत वन्यजीव रक्षक एवं स्नेक रेस्क्यूअर अशरफुल शेख को सूचना दी। मौके पर पहुंचे रेस्क्यूअर ने पेशेवर तरीके से बिना किसी चोट पहुंचाए जहरीले स्पेक्टेकल्ड कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया और बाद में उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। यह घटना इस बात का उदाहरण बन गई कि संकट की घड़ी में ताकत से अधिक समझदारी, धैर्य और संवेदनशीलता प्रभावी साबित होती है। पुलिस और रेस्क्यू टीम की इस कार्यशैली की स्थानीय लोग भी सराहना कर रहे हैं।
‘सांप दिखे तो न मारें’—रेस्क्यूअर की अपील, बारिश में बढ़ जाती हैं ऐसी घटनाएं
रेस्क्यू के बाद स्नेक रेस्क्यूअर अशरफुल शेख ने लोगों से अपील की कि यदि घर, खेत या आसपास कहीं सांप दिखाई दे तो घबराएं नहीं और न ही उसे मारने की कोशिश करें। तुरंत प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यूअर या वन विभाग को सूचना दें। विशेषज्ञों के अनुसार, बरसात के मौसम में बिलों में पानी भर जाने के कारण भारतीय नाग सहित कई प्रजातियों के सांप सुरक्षित और सूखी जगह की तलाश में घरों या सरकारी भवनों तक पहुंच जाते हैं। ऐसे समय में घबराने के बजाय सतर्कता और विशेषज्ञों की मदद ही सबसे सुरक्षित उपाय है।

