धर्मेंद्र पटेल । दैनिक स्टेट
सड़क नहीं, ‘स्विमिंग पूल’! गड्ढे में नहाकर युवक ने किया अनोखा विरोध
हजारीबाग और रामगढ़ को जोड़ने वाली गिद्दी नया मोड़ मुख्य सड़क की बदहाली अब लोगों के सब्र की सीमा पार कर चुकी है। इसी नाराजगी का अनोखा प्रदर्शन तब देखने को मिला जब एक युवक सड़क के बीच बने पानी से लबालब गड्ढे में उतर गया और वहीं स्नान करने लगा। राहगीरों की भीड़ जुट गई, किसी ने वीडियो बनाया तो किसी ने तस्वीरें। युवक का यह विरोध हिंसक नहीं था, लेकिन उसने प्रशासन और जिम्मेदार एजेंसियों पर ऐसा सवाल खड़ा कर दिया, जिसका जवाब देना आसान नहीं होगा। लोगों का कहना है कि जब सड़क तालाब बन जाए तो विरोध का तरीका भी वैसा ही होगा।
काले हीरे की धरती पर बदहाल सड़क, करोड़ों का कारोबार लेकिन जनता बेहाल
गिद्दी क्षेत्र देश के प्रमुख कोयला क्षेत्रों में गिना जाता है। यहां सीसीएल के साथ-साथ रामगढ़ स्पंज आयरन प्राइवेट लिमिटेड और अनिंदिता स्टील्स लिमिटेड जैसे बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। रोजाना सैकड़ों भारी वाहन कोयला और अन्य सामग्री लेकर इसी मार्ग से गुजरते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओवरलोड ट्रकों की लगातार आवाजाही ने सड़क को गड्ढों में बदल दिया है। विडंबना यह है कि जिस इलाके से करोड़ों रुपये का कारोबार होता है, वहीं की जनता वर्षों से टूटी सड़क और दुर्घटना के खतरे के बीच सफर करने को मजबूर है।
CSR के दावों पर उठे सवाल, विकास की तस्वीर आखिर कहां है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में संचालित बड़ी कंपनियों के पास कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध रहता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आसपास के गांवों और मुख्य सड़क की स्थिति इतनी खराब क्यों है। लोगों का मानना है कि यदि सड़क, जल निकासी और बुनियादी सुविधाओं पर गंभीरता से काम किया जाता तो आज यह स्थिति नहीं बनती। सड़क के बीच गंदे पानी में नहाते युवक की तस्वीरें विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर साफ दिखा रही हैं।
धान रोपनी से लेकर गड्ढे में स्नान तक, कब जागेंगी जिम्मेदार एजेंसियां?
अमूमन आए दिन खराब सड़कों पर जनप्रतिनिधि गड्ढों में धान रोपकर विरोध दर्ज कने की खबरें आपने सुनी होगी लेकिन यह तरीका शायद ही किसी ने आजमाई होगी इस सड़क को लेकर कई प्रदर्शन किए, ज्ञापन सौंपे और सड़क निर्माण की मांग उठाई, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। अब युवक का सड़क के गड्ढे में स्नान करना इस बदहाली का नया प्रतीक बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक वायरल तस्वीर नहीं, बल्कि हजारों लोगों की रोज की परेशानी का आईना है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन, सड़क निर्माण विभाग, सीसीएल और संबंधित औद्योगिक इकाइयां इस संदेश को समझती हैं या फिर यह विरोध भी केवल सोशल मीडिया तक सीमित रह जाएगा।

