बरही में 80 लाख की अवैध शराब की बड़ी खेप जब्त, बिहार भेजने की तैयारी पर पुलिस का छापा
हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र में हजारीबाग और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अवैध शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। रसोईधामना टोल प्लाजा के समीप घेराबंदी कर शराब से लदे ट्रक और उसकी रेकी कर रही बिना नंबर की केटा गाड़ी को पकड़ा गया। तलाशी में मैकडॉवेल्स नंबर-1 ब्रांड की 1,190 पेटियों में हजारों बोतल शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 80 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस के मुताबिक खेप बिहार भेजी जानी थी।
बिहार पुलिस की सूचना बनी तस्करों के लिए जाल, भागने की कोशिश भी नहीं आई काम
बिहार पुलिस से मिली खुफिया सूचना के बाद हजारीबाग पुलिस ने तत्काल विशेष छापेमारी टीम गठित की। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बरही राधा प्रेम किशोर के नेतृत्व में रसोईधामना इलाके में निगरानी शुरू की गई। जैसे ही संदिग्ध ट्रक और एस्कॉर्ट गाड़ी मौके पर पहुंची, पुलिस ने दोनों वाहनों को घेर लिया। कार्रवाई के दौरान तस्करों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने पीछा कर तीनों आरोपियों को दबोच लिया।
रेकी के लिए अलग गाड़ी, शराब के लिए अलग ट्रक… ऐसे चलता था तस्करी का पूरा खेल
जांच में सामने आया कि शराब से भरे ट्रक के आगे बिना नंबर की एक छोटी गाड़ी चल रही थी, जिसका काम रास्ते की निगरानी करना और पुलिस की गतिविधियों की सूचना देना था। पुलिस ने ट्रक संख्या HP72D-7889 और एस्कॉर्ट वाहन दोनों को जब्त कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों राकेश कुमार, खिरोधर साव उर्फ गुलाब साव और सन्नी कुमार से पूछताछ में तस्करी के नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
अब सरगना की तलाश में पुलिस, झारखंड-बिहार शराब सिंडिकेट की खुलेंगी परतें
पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार तीनों आरोपी केवल सप्लाई चेन का हिस्सा हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि शराब की खेप किस राज्य से लाई गई थी, इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं और बिहार में इसकी डिलीवरी किसे दी जानी थी। उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पुलिस पूरे सिंडिकेट की वित्तीय और लॉजिस्टिक कड़ियों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद जल्द ही शराब तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी शिकंजा कस सकता है।

