बायोमेट्रिक में ‘सेटिंग’ का खेल, परीक्षा केंद्र से सुपरवाइजर और ऑपरेटर गिरफ्तार
बेगूसराय में मद्य निषेध अवर निरीक्षक (एक्साइज दरोगा) भर्ती परीक्षा के दौरान बड़ी साजिश का खुलासा हुआ। परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन का जिम्मा संभाल रही कंपनी के सुपरवाइजर और ऑपरेटर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि दोनों बायोमेट्रिक सिस्टम में धांधली कर कुछ परीक्षार्थियों को अवैध लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। जांच के दौरान उनके पास से एक टैबलेट, फर्जी दस्तावेज और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद हुई है।
आंसर शीट तक पहुंचाने की थी तैयारी, जांच एजेंसियां खंगाल रही पूरा नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सिर्फ बायोमेट्रिक गड़बड़ी तक सीमित नहीं थे, बल्कि परीक्षा में परीक्षार्थी को आंसर शीट उपलब्ध कराने की भी योजना बना रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
कड़ी सुरक्षा के बावजूद सक्रिय रहे नकल माफिया, 15 केंद्रों पर हुई थी परीक्षा
रविवार को बेगूसराय जिले के 15 परीक्षा केंद्रों पर मद्य निषेध अवर निरीक्षक भर्ती परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई थी। कुल 9,501 अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना था, लेकिन केवल 4,868 परीक्षार्थी ही उपस्थित हुए, जबकि 4,633 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा को निष्पक्ष बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सभी केंद्रों पर मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और उड़नदस्ता टीम तैनात की थी तथा अधिकारियों ने कई केंद्रों का औचक निरीक्षण भी किया। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर कार्रवाई करते हुए बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मियों को दबोचा गया।
2022 का ‘मुन्ना भाई’ कांड फिर आया याद, पहले भी पकड़ा जा चुका है नकल गिरोह
बेगूसराय में भर्ती परीक्षाओं में धांधली का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2022 में मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान विकास विद्यालय, डुमरी परीक्षा केंद्र से पांच फर्जी अभ्यर्थियों को मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और ब्लूटूथ की मदद से नकल करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। उस समय मजिस्ट्रेट की तत्परता से पूरे गिरोह का पर्दाफाश हुआ था और सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई थी। ताजा घटना ने एक बार फिर भर्ती परीक्षाओं में सक्रिय संगठित नकल माफिया और तकनीकी धांधली के खतरे को उजागर कर दिया है।

