धर्मेंद्र पटेल । दैनिक स्टेट
पति-पत्नी चला रहे थे ‘मिनी गन फैक्ट्री’! रामगढ़ पुलिस के छापे में खुला हथियारों का खतरनाक खेल
रामगढ़: भुरकुंडा ओपी क्षेत्र के ए.के. कोलियरी दत्तो में रामगढ़ और हजारीबाग पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने अवैध हथियार कारोबार की ऐसी परतें खोलीं, जिसने पूरे इलाके को चौंका दिया। गुप्त सूचना के आधार पर दिनेश विश्वकर्मा के घर पर छापेमारी की गई तो मकान के भीतर बाकायदा मिनी हथियार निर्माण फैक्ट्री संचालित होती मिली। पुलिस ने मौके से अर्धनिर्मित 7.65 एमएम पिस्टल, मैगजीन, फायरिंग पिन, ट्रिगर, स्प्रिंग समेत हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले दर्जनों कल-पुर्जे और मशीनें बरामद कीं। इस मामले में दिनेश विश्वकर्मा और उसकी पत्नी नूतन देवी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
घर के अंदर बनती थी पिस्टल, बाहर पहुंचती थी अपराधियों तक! शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार दंपती पिछले काफी समय से अवैध हथियार तैयार कर अपराधियों तक उनकी सप्लाई कर रहे थे। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि तैयार हथियार किन जिलों में भेजे जाते थे और इनके खरीदार कौन थे। पुलिस इस पूरे नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाल रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर हथियार तस्करी के बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता है।
ड्रिल मशीन, वेल्डिंग सेट, गैस कटर और रेलवे पटरी… ऐसे तैयार होती थी मौत की मशीन
छापेमारी के दौरान बरामद सामान यह बताने के लिए काफी है कि यह कोई सामान्य वर्कशॉप नहीं, बल्कि अवैध हथियार बनाने का पूरा सेटअप था। पुलिस ने ड्रिल मशीन, गैस कटर, वेल्डिंग मशीन, रेलवे पटरी के टुकड़े, हथौड़े, रेंच, हेक्सा ब्लेड, चिमटा, लोहे की चादर, भट्ठी और अन्य उपकरण जब्त किए हैं। इन्हीं मशीनों की मदद से पिस्टल के विभिन्न हिस्सों को तैयार कर उन्हें असेंबल किया जाता था। मौके से एक स्कूटी और दो मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं, जिनकी जांच से कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
अब पूरे नेटवर्क पर पुलिस की नजर, हथियार खरीदने वालों तक पहुंचेगी जांच
इस मामले में पतरातु (भुरकुंडा ओपी) थाना कांड संख्या 165/26 के तहत आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पतरातु के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है। टीम का फोकस सिर्फ गिरफ्तार दंपती तक सीमित नहीं है, बल्कि उन लोगों की पहचान करना भी है जो हथियार खरीदते थे या इस अवैध कारोबार में आर्थिक और तकनीकी मदद पहुंचाते थे। पुलिस का मानना है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
दैनिक स्टेट विश्लेषण
झारखंड में पिछले कुछ वर्षों में अवैध हथियार निर्माण और तस्करी के कई मामले सामने आए हैं। विशेषकर बिहार सीमा से सटे इलाकों में स्थानीय स्तर पर हथियार बनाकर अपराधियों तक पहुंचाने का नेटवर्क पुलिस के लिए लगातार चुनौती बना हुआ है। रामगढ़ में इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि इससे न केवल एक अवैध मिनी हथियार फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ, बल्कि हथियार सप्लाई चेन के बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की संभावना भी मजबूत हुई है।

