29 मामलों का आरोपी निकला रजरप्पा ज्वेलरी लूटकांड का मुख्य आरोपी , दिनदहाड़े डकैती का हुआ पूरा खुलासा; सभी 11 अपराधी सलाखों के पीछे
रामगढ़: करीब ढाई महीने पहले रजरप्पा थाना क्षेत्र के चितरपुर स्थित शिव शंकर ज्वेलर्स में दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज डकैती कांड का रामगढ़ पुलिस ने लगभग पूरी तरह पर्दाफाश कर दिया है। इस हाई-प्रोफाइल लूटकांड के मुख्य अभियुक्त शमशेर आलम को गिरफ्तार कर लिया गया है। रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लूनायत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि शमशेर आलम के खिलाफ रामगढ़ समेत झारखंड के विभिन्न जिलों में कुल 29 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही इस कांड में शामिल सभी 11 अपराधी अब न्यायिक हिरासत में हैं।
बहुत कम ऐसे मामले सामने आते है जब किसी लूटकांड में चार अलग-अलग चरणों में लूटे गए आभूषण और अन्य सामान की बड़ी बरामदगी की गई है।
दिनदहाड़े ज्वेलरी दुकान में मचाई थी दहशत
21 अप्रैल 2026 की दोपहर करीब 3:40 बजे हथियारबंद अपराधी रजरप्पा मोड़ स्थित शिव शंकर ज्वेलर्स में घुस गए थे। बदमाशों ने हथियार के बल पर दुकान में मौजूद लोगों को बंधक बनाकर बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए और फरार हो गए। घटना के बाद पूरे रामगढ़ जिले में हड़कंप मच गया था। दुकानदार विष्णु प्रसाद के बयान पर रजरप्पा थाना में डकैती और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
एसआईटी गठित होते ही शुरू हुई लगातार छापेमारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लूनायत ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया। टीम ने तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और मानवीय सूचना के आधार पर लगातार झारखंड और बिहार के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की। इसी कार्रवाई के दौरान गिरोह के एक-एक सदस्य तक पुलिस पहुंचती चली गई।
29 केसों वाला शमशेर आलम निकला मुख्य आरोपी
लगातार फरार चल रहे मुख्य अभियुक्त शमशेर आलम को 12 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया। पुलिस पूछताछ में उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल 7.65 एमएम का पिस्टल, दो मैगजीन, दो जिंदा कारतूस, बिना नंबर की अपाचे मोटरसाइकिल तथा उसके घर में छिपाकर रखे गए करीब 370 ग्राम सोने और 160 ग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि शमशेर आलम कोई नया अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ रामगढ़, रांची, बोकारो, मांडू, गोला, पिठौरिया, रातू, सिकीदरी, गिद्दी और अन्य थाना क्षेत्रों में डकैती, लूट, चोरी और आर्म्स एक्ट के कुल 29 मामले दर्ज हैं।
चार चरणों में हुई बड़ी बरामदगी
पुलिस ने इस मामले में अलग-अलग चरणों में कार्रवाई करते हुए पहले सात अपराधियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, हथियार, मोबाइल और डकैती में इस्तेमाल की गई अर्टिगा कार बरामद हुई थी।
इसके बाद गुप्त सूचना के आधार पर दो और अपराधियों को गिरफ्तार कर लगभग 1350 ग्राम चांदी और 49 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए गए। इस कांड का मास्टरमाइंड विभाष पासवान उर्फ मृगेन्द्र पासवान पुलिस दबाव बढ़ने पर न्यायालय में आत्मसमर्पण करने को मजबूर हो गया। रिमांड पर पूछताछ के दौरान उसके पास से भी सोने का झुमका और चांदी की चूड़ियां बरामद की गईं।
आखिरकार मुख्य आरोपी शमशेर आलम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इस पूरे गिरोह पर शिकंजा कसते हुए सभी आरोपियों को जेल भेज दिया।
565 ग्राम सोना, 3 किलो चांदी और हथियार बरामद
पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने अब तक लगभग 565 ग्राम सोने जैसे आभूषण और करीब 3 किलोग्राम चांदी जैसे आभूषण बरामद किए हैं। इसके अलावा दो पिस्टल, तीन मैगजीन, पांच जिंदा कारतूस, एक अर्टिगा कार, एक स्कूटी, तीन मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। बरामद आभूषणों में हार, मंगलसूत्र, कंगन, बाला, झुमके और अन्य कई कीमती गहने शामिल हैं।
पुलिस ने दिया कड़ा संदेश
रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लूनायत का कहना है कि संगठित अपराध और संपत्ति से जुड़े अपराधों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कानून से बच निकलना अब आसान नहीं होगा।
पूरे मामले की बड़ी बातें
- 21 अप्रैल को दिनदहाड़े हुई थी रजरप्पा ज्वेलरी दुकान में डकैती।
- मुख्य आरोपी शमशेर आलम 12 जुलाई को गिरफ्तार।
- आरोपी के खिलाफ पहले से 29 आपराधिक मामले दर्ज।
- चार चरणों में लूटे गए सामान की बड़ी बरामदगी।
- कुल 11 अपराधी गिरफ्तार या आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
- लगभग 565 ग्राम सोना और 3 किलो चांदी बरामद।
- दो पिस्टल, कारतूस, कार, स्कूटी, बाइक और मोबाइल भी जब्त।
- पुलिस ने इसे संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता बताया।

