गिद्दी में गोलियों की गूंज के बाद सोशल मीडिया पर खुलेआम धमकी, राहुल दुबे गैंग ने ली फायरिंग की जिम्मेदारी
हजारीबाग। हजारीबाग जिले के गिद्दी सी परियोजना क्षेत्र में मंगलवार रात हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना के बाद अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद नजर आ रहे हैं कि अब सोशल मीडिया पर खुलेआम धमकी भरे पोस्ट और पोस्टर वायरल किए जा रहे हैं। जेल में बंद अपराधी सुनील मीणा उर्फ मयंक सिंह के नाम से बने एक फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट साझा किया गया है, जिसमें राहुल दुबे गैंग की ओर से फायरिंग की जिम्मेदारी लेते हुए कारोबारी आनंद जैन को जानलेवा धमकी दी गई है। वायरल पोस्ट में साफ लिखा गया है — “सब तैयार रहो, गोलियों की बरसात किधर से भी हो सकती है।” पोस्ट में आनंद जैन को चेतावनी दी गई है कि अगर उन्होंने गैंग का संदेश नहीं माना, तो उनके परिवार, कर्मचारियों और मजदूरों को भी निशाना बनाया जाएगा। पोस्ट में कई आपराधिक गिरोहों के नामों का उल्लेख भी किया गया है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। हालांकि, इस पोस्ट की प्रामाणिकता को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बूम बैरियर पर चार राउंड फायर, बाल-बाल बचा कर्मी — बुलेट से आए थे हमलावर
हजारीबाग । मंगलवार की रात करीब 9:30 बजे गिद्दी सी परियोजना के बूम बैरियर पर उस समय दहशत फैल गई जब बाइक सवार दो अज्ञात अपराधी अचानक पहुंचे और ताबड़तोड़ चार राउंड फायरिंग कर फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावर बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार थे और उन्होंने बिना किसी चेतावनी के गोलीबारी शुरू कर दी।घटना के वक्त बूम बैरियर के अंदर वीरू नामक कर्मी मौजूद था, जो किसी तरह बाल-बाल बच गया। एक गोली बूम बैरियर को आर-पार भेदते हुए निकल गई, जिससे हमले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और परियोजना में काम करने वाले मजदूरों व कर्मचारियों में भय का माहौल फैल गया। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्टर में यह भी धमकी दी गई है कि “अगली बार हमला सीधे घर या कार्यालय में किया जाएगा और परिवार तथा स्टाफ को भी नहीं बख्शा जाएगा।”
पुलिस की जांच शुरू — वायरल पोस्ट के सोर्स का तकनीकी साक्ष्यों से होगा खुलासा
फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस अब एक साथ दो मोर्चों पर जांच कर रही है — पहला, बूम बैरियर पर हुई फायरिंग की घटना, और दूसरा, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे धमकी भरे पोस्ट और पोस्टर की सत्यता। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वायरल पोस्ट किसने, कब और किस जगह से शेयर किया। जेल में बंद अपराधी के नाम से चल रहे फेसबुक अकाउंट की भी जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि किसी को भी खुलेआम धमकी देने की इजाजत नहीं दी जाएगी और जल्द ही इस मामले में ठोस कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।

