जिंदगी भर की कमाई पर डाका — फर्जी चेक से उड़ाए 35.5 लाख
धनबाद, 8 जून। कोयला नगरी धनबाद में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोयाबाद थाना क्षेत्र निवासी बीसीसीएल के रिटायर्ड कर्मचारी वासदेव ठाकुर के भविष्य निधि (PF) खाते से फर्जी चेक और जाली हस्ताक्षर के जरिए 35 लाख 50 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली गई।अक्टूबर 2025 में बीसीसीएल से सेवानिवृत्त होने के बाद वासदेव ठाकुर को पीएफ मद में यह राशि प्राप्त हुई थी — जो उनकी दशकों की मेहनत का एकमात्र सहारा थी। आरोप है कि बैंक कर्मचारियों और बाहरी दलालों की सुनियोजित मिलीभगत से यह पूरा घिनौना खेल अंजाम दिया गया। ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा मणिपुर और तेलंगाना के विभिन्न बैंक खातों में तेजी से ट्रांसफर कर दिया गया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें।मामले की जानकारी मिलते ही पीड़ित परिवार ने बैंक मोड़ थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई और न्याय की गुहार लगाई।
पुलिस जांच में खुलासा — करोड़ों के नेटवर्क का सिर्फ 3.5 लाख बरामद, 32 लाख अब भी लापता
धनबाद, 8 जून। बैंक मोड़ थाना में दर्ज शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। तफ्तीश के दौरान पुलिस को आंशिक सफलता मिली और करीब 3.5 लाख रुपये की राशि रिकवर की जा सकी। लेकिन यह सफलता पीड़ित परिवार की पीड़ा कम करने के लिए नाकाफी साबित हुई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि ठगी गई शेष लगभग 32 लाख रुपये की राशि मणिपुर और तेलंगाना स्थित कई अलग-अलग बैंक खातों में छिपाई गई है, जिससे रिकवरी की प्रक्रिया अत्यंत जटिल हो गई है। इस पूरे मामले में एक संगठित ठगी गिरोह की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है, जो बैंकिंग प्रणाली की खामियों का फायदा उठाकर रिटायर्ड कर्मचारियों को निशाना बनाता है। कई महीने बीत जाने के बाद भी न पूरी राशि बरामद हुई, न ही सभी आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई हुई — यही पीड़ित परिवार की सबसे बड़ी शिकायत है।
न्याय की आस में सड़क पर परिवार — रणधीर वर्मा चौक पर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू
धनबाद, 8 जून। जब कानूनी रास्तों से न्याय नहीं मिला, तो पीड़ित परिवार ने आंदोलन का रास्ता अपनाया। वासदेव ठाकुर का परिवार सोमवार से रणधीर वर्मा चौक पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गया है और तब तक अनशन जारी रखने की चेतावनी दी है, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं।
परिवार की मांगें स्पष्ट हैं —
- ठगी गई पूरी 35.5 लाख रुपये की राशि बिना किसी देरी के वापस दिलाई जाए
- मामले में संलिप्त दलालों, बैंक कर्मियों और अन्य सभी आरोपियों की निष्पक्ष जांच हो
- दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए
परिवार का कहना है कि एक बुजुर्ग सेवानिवृत्त कर्मचारी की जीवनभर की कमाई लूट ली गई और महीनों तक कोई सुनवाई नहीं हुई, इसलिए यह अनशन उनकी आखिरी उम्मीद है।अब सभी की निगाहें प्रशासन और जांच एजेंसियों पर टिकी हैं — क्या वे इस बुजुर्ग परिवार को समय रहते न्याय दिला पाएंगे?

