हजारीबाग में कोल परियोजना पर बवाल: पर्यावरण जनसुनवाई बनी रणभूमि, हथियारों के साथ उतरे ग्रामीण
हजारीबाग के बड़कागांव में निजी कोल खनन परियोजना को लेकर आयोजित पर्यावरण जनसुनवाई उस वक्त रणभूमि में तब्दील हो गई, जब सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने कार्यक्रम का कड़ा विरोध किया। झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा आयोजित इस जनसुनवाई में ग्रामीण परंपरागत हथियारों के साथ पहुंचे और देखते ही देखते टेंट, कुर्सियां व अन्य व्यवस्थाएं तहस-नहस कर दीं। विरोध इतना उग्र हो गया कि मौके पर मौजूद कुछ लोगों के साथ मारपीट की भी सूचना है। सुबह 10 बजे तय कार्यक्रम से दो घंटे पहले ही माहौल बिगड़ गया था। खास बात यह रही कि विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी आगे नजर आईं। प्रशासन ने हालात को भांपते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
✍️ सुबह 8 बजे ही सुलग उठा बड़कागांव, कोल खनन जनसुनवाई से पहले फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
कोल खनन परियोजना को लेकर बड़कागांव में लंबे समय से उबाल था, जो आखिरकार पर्यावरण जनसुनवाई के दिन फूट पड़ा। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही ग्रामीणों ने विरोध का ऐलान कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस परियोजना से उनकी जमीन, जंगल और आजीविका पर सीधा खतरा है। यही वजह है कि वे किसी भी कीमत पर खनन को मंजूरी देने के पक्ष में नहीं हैं। उग्र विरोध के चलते सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया।
✍️ कोल खनन के खिलाफ महिला शक्ति का प्रदर्शन, बड़कागांव में जनसुनवाई से पहले हंगामा
हजारीबाग के बड़कागांव में कोल खनन परियोजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की अगुवाई महिलाओं ने की। सुबह से ही महिलाएं और ग्रामीण बड़ी संख्या में कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए और जनसुनवाई का बहिष्कार कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि खनन से पर्यावरण तबाह होगा और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। हालात बेकाबू होते देख पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

