डीएसपी राधा प्रेम किशोर का एक्शन: 24 घंटे में सुलझी हत्या की गुत्थी
डीएसपी के नेतृत्व में ‘मिशन 24 घंटे’ सफल
हजारीबाग – बरही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (DSP) राधा प्रेम किशोर के कुशल नेतृत्व में हजारीबाग पुलिस ने अपनी कार्यक्षमता का लोहा मनवाया है। विक्की कुमार सोनी की हत्या के बाद फैले तनाव को देखते हुए डीएसपी ने स्वयं कमान संभाली और टीम को ‘डेडलाइन’ के भीतर काम करने का निर्देश दिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल अपराधियों को दबोचा, बल्कि इलाके में कानून-व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास भी बहाल किया।
वैज्ञानिक जांच और एसआईटी का बिछाया जाल
हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए डीएसपी के मार्गदर्शन में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान को आधार बनाया। टीम ने घटनास्थल के पास के मोबाइल टावर डंप डेटा और गुप्त सूचनाओं का मिलान किया। तकनीकी शाखा के अधिकारियों और बरही थाना की टीम ने आपसी समन्वय से काम करते हुए बिहार के नवादा और गया जिलों में छापेमारी की, जिसके बाद आरोपियों को बोकारो से घेराबंदी कर पकड़ा गया।
रिश्तों पर भारी पड़ी रंजिश: जीजा ही निकला मास्टरमाइंड
पूछताछ के दौरान जब खुलासा हुआ तो खुद पुलिस भी हैरान रह गई। डीएसपी राधा प्रेम किशोर के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड की साजिश मृतक के अपने जीजा विक्रम कुमार ने रची थी। रंजिश इतनी गहरी थी कि उसने अपने दोस्त दिलीप कुमार के साथ मिलकर करसो पुल के पास विक्की को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की, तो आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने धोखे से विक्की को रोका और फिर गोली मार दी।
कार की बरामदगी और पेशेवर अपराधियों का अंत
पुलिस ने केवल आरोपियों को ही नहीं पकड़ा, बल्कि अपराध से जुड़े ठोस सबूत भी जुटाए। आरोपियों की निशानदेही पर मृतक की हुंडई कार (JH02AE-0232) और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। डीएसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी पेशेवर अपराधी हैं, जिनका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वे पहले भी लूट व चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। फिलहाल दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। हजारीबाग पुलिस की इस बड़ी सफलता में थाना प्रभारी बिनोद कुमार और उनकी टीम की भूमिका भी सराहनीय रही।

