दरिंदगी की हद पार — विजयीपुर में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, अधमरी हालत में छोड़कर फरार हुए आरोपी
गोपालगंज जिले के विजयीपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में मानवता को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक नाबालिग किशोरी के साथ कुछ दरिंदों ने सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम दिया और वारदात के बाद पीड़िता को अधमरी हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और पीड़िता की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे सदर अस्पताल, गोपालगंज में भर्ती कराया गया। अस्पताल के डॉक्टरों की देखरेख में इलाज शुरू किया गया। चिकित्सकों के अनुसार पीड़िता की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। पीड़िता की विधवा माँ ने हिम्मत जुटाकर विजयीपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी के साथ इस वीभत्स कृत्य को एक से अधिक आरोपियों ने मिलकर अंजाम दिया। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है — एकमात्र कमाने वाले की मृत्यु के बाद माँ ने अकेले बच्चों को पाला है, ऐसे में यह घटना उनके परिवार पर दोहरी त्रासदी बनकर टूटी है।
उल्लेखनीय है कि गोपालगंज में इससे पहले भी ऐसी घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। जनवरी 2026 में नगर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ दो युवकों ने दुष्कर्म किया था और विरोध करने पर उसकी आँख पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। अप्रैल 2026 में जादोपुर थाना क्षेत्र में एक महिला और उसकी नाबालिग ननद को तीन दिनों तक बंधक बनाकर बर्बरता की गई थी। इन घटनाओं की पृष्ठभूमि में यह नई वारदात जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस की छापेमारी जारी — POCSO एक्ट में होगी कार्रवाई, आरोपी अभी भी फरार
विजयीपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस अलग-अलग ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष जाँच दल गठित किए जाने की सम्भावना है।चूँकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ-साथ POCSO अधिनियम (Protection of Children from Sexual Offences Act) की कड़ी धाराओं के तहत भी मुकदमा दर्ज किए जाने की प्रक्रिया होनी चाहिए। POCSO के तहत दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास से लेकर मृत्युदंड तक का प्रावधान है।
गोपालगंज में हाल के समय में घटित इसी प्रकार के जादोपुर थाना गैंगरेप मामले में पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर स्पीडी ट्रायल की बात कही थी और दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था — जबकि चार आरोपी फरार थे। उस मामले में पुलिस ने FSL टीम से जाँच कराई थी। कानूनी विशेषज्ञ इस नए मामले में भी फोरेंसिक जाँच को निर्णायक बताते हैं।
स्थानीय महिला संगठनों और नागरिकों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़िता को न्याय दिलाने की माँग की है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द होगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा

