Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
दिल्ली को 'गैस चैंबर' बनाने के जिम्मेदार कौन? गाड़ियां, धूल या इंडस्ट्री- जानें प्रदूषण के स्रोतों क... मनरेगा नाम बदलने पर कांग्रेस का बड़ा हमला! 'फंड खत्म, तो अधिकार खत्म', कहा- यह राज्यों और मजदूरों के... राज्यसभा में भड़के सुरजेवाला! चुनाव सुधार पर BJP को घेरा, बोले- 'यह लोकतंत्र के लिए घातक', जानें क्या... 4 करोड़ वोटर नाम कटने पर सियासी घमासान! विपक्ष का आरोप- 'ये सब गैर-BJP समर्थक', क्या BJP को होगा नुक... बड़ी खबर: IAS राज कुमार गोयल बने मुख्य सूचना आयुक्त, राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ, जानें उनकी प्रशासनिक य... मनरेगा नाम विवाद पर थरूर का बड़ा बयान! विवाद को बताया दुर्भाग्यपूर्ण, कांग्रेस को दिखाया आईना, मोदी ... UP से पकड़ा गया गैंगस्टर सुभाष ठाकुर, जानें इसका दाऊद से क्या है कनेक्शन जम्मू-कश्मीर: उधमपुर में भीषण मुठभेड़! सुरक्षाबलों ने एक से दो आतंकियों को घेरा, गोलीबारी जारी, इलाके... प्रदूषण की मार… अगले आदेश तक दिल्ली में 5वीं तक के स्कूल रहेंगे बंद, जारी रहेगी ऑनलाइन पढ़ाई, जानें ... BJP की 'युवा' रणनीति! पंकज चौधरी और नितिन नबीन जैसे चेहरों के साथ तैयार की सेकंड लीडरशिप, आधे से अधि...

मॉक ड्रिल को लेकर तैयारियां शुरू, हर वार्ड में तैयार किए जाएंगे 10 वॉलेंटियर, दी जाएगी आपात स्थिति की जानकारी

इंदौर। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। वहीं इस बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 244 जिलों में आज यानी 7 मई को मॉक ड्रिल का आदेशा जारी किया गया है।  केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में हुई बैठक में मॉक ड्रिल कराने की तैयारी तय की गई है।ऐसे में इंंदौर शहर में भी मॉक ड्रिल को लेक तैयारियां होने वाली है।

बता दें कि, इंदौर में संभावित आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल की व्यापक तैयारी शुरू हो गई है। इसी सिलसिले में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शहर के प्रमुख होटलों के प्रतिनिधियों और सभी वार्ड पार्षदों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की। इस बैठक में महापौर ने बताया कि प्रत्येक वार्ड में 10 वॉलेंटियर की टीम गठित की जाएगी, जो संकट की घड़ी में राहत और सहायता कार्यों को अंजाम दे सकेगी।

वहीं इस बैठक में ब्लैकआउट की स्थिति और अन्य आपातकालीन परिदृश्यों के लिए योजनाएं बनाई गईं। पार्षदों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने वार्ड में नागरिकों को मॉक ड्रिल की जानकारी दें और जागरूकता अभियान चलाएं, ताकि वास्तविक संकट के समय घबराहट के बजाय सजगता से काम लिया जा सके।