रेलवे ट्रैक पर ‘ट्रक टेरर’! ओवरलोड वाहन बना रेल का दुश्मन, जसीडीह में 42 मिनट तक थमा पहिया
रेलवे ट्रैक पर ट्रकों की घुसपैठ अब यात्रियों के लिए नई आफत बनती जा रही है। जसीडीह–झाझा रेलखंड के सिमुलतला स्टेशन के पास स्पेशल गेट संख्या–36 पर सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब हैदराबाद से लाल मिर्च लादकर बिहार के बांका जा रहा एक ओवरलोड ट्रक रेलवे गेट में फंस गया। गेट पार करने के दौरान ट्रक का ऊपरी हिस्सा रेलवे द्वारा लगाए गए ओवरहेड संरचना और पाइप में अटक गया। चालक ने आगे-पीछे करने की कोशिश की, लेकिन फाटक के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ने पर ट्रक को पटरी पर ही छोड़ना पड़ा। नतीजा यह हुआ कि सिग्नल सिस्टम ठप हो गया और करीब 42 मिनट तक अप और डाउन दोनों लाइनें बाधित रहीं। सूचना मिलते ही आरपीएफ अवर निरीक्षक रवि कुमार और स्टेशन मास्टर महेश कुमार मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद ट्रक को बाहर निकाला गया, तब जाकर रेल सेवा बहाल हो सकी। आरपीएफ ने तेलंगाना निवासी ट्रक चालक मुरली कृष्ण को हिरासत में ले लिया है।इस दौरान मोकामा–जसीडीह मेमू, गोंडा–आसनसोल एक्सप्रेस, नागलडैम–हावड़ा गुरुमुखी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें सिमुलतला होम सिग्नल, धोरपारन और नरगंजो जैसे स्टेशनों पर खड़ी रहीं। जंगली और दूरदराज इलाकों में ट्रेन रुकने से यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
🟡 रेलवे ट्रैक पर ट्रक बना ‘स्पीड ब्रेकर’, देवघर के बाद जसीडीह में फिर थमा परिचालन
बीते दिनों देवघर में ट्रक और ट्रेन की टक्कर से रेल परिचालन घंटों ठप रहा था, और अब जसीडीह में ओवरलोड ट्रक के गेट में फंसने से एक बार फिर रेलवे व्यवस्था चरमरा गई। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि रेलवे फाटकों पर भारी वाहनों की निगरानी आखिर क्यों ढीली है स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरलोड ट्रकों पर समय रहते कार्रवाई नहीं होने से रेलवे ट्रैक जान जोखिम में डालने वाला रास्ता बनता जा रहा है। अगर समय रहते ट्रक नहीं हटाया जाता तो बड़ा हादसा भी हो सकता था।

