🟥 रील की एक गलती और दो जिंदगियां खत्म: बेतिया में अमृत भारत ट्रेन ने ली दो किशोरों की जान
बेतिया जिले से शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां सोशल मीडिया पर रील बनाने की सनक दो मासूम किशोरों की मौत का कारण बन गई। साठी रेलवे स्टेशन के पास बेतिया–नरकटियागंज रेलखंड पर हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। जानकारी के अनुसार, अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन मुजफ्फरपुर से नरकटियागंज की ओर जा रही थी। इसी दौरान गुलाब नगर रेलवे ढाला और साठी स्टेशन के बीच पिलर संख्या 234/31 के पास दो किशोर रेलवे ट्रैक के बेहद करीब खड़े होकर मोबाइल से रील बना रहे थे। तभी दूसरी पटरी पर फौजी ट्रेन विपरीत दिशा से आ गई।
दोनों ट्रेनों को एक साथ आते देख किशोर घबरा गए और संभलने से पहले ही अमृत भारत एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि दोनों के शव क्षत-विक्षत हो गए। घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जुट गई, वहीं अफरा-तफरी के बीच परिजन शव लेकर फरार हो गए।
🟥 सोशल मीडिया की सनक बनी मौत की वजह: साठी रेल हादसे में दो किशोरों की दर्दनाक मौत
बेतिया जिले में सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाहत ने एक बार फिर जानलेवा रूप ले लिया। साठी रेलवे स्टेशन के समीप रील बनाते समय दो किशोरों की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। यह हादसा युवाओं के लिए एक कड़ी चेतावनी बनकर सामने आया है।
बताया जा रहा है कि दोनों किशोर ट्रैक के पास खड़े होकर वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। उसी वक्त अमृत भारत एक्सप्रेस और फौजी ट्रेन दोनों विपरीत दिशाओं से गुजर रही थीं। अचानक स्थिति बिगड़ने पर दोनों किशोर घबरा गए और ट्रेन की चपेट में आ गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। पुलिस ने किसी तरह शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेतिया जीएमसीएच भेजा और जांच शुरू कर दी है।
🟥 कुछ सेकंड की रील… और जिंदगी खत्म: बेतिया के साठी रेल हादसे ने छोड़े कई सवाल
रील की दीवानगी युवाओं के लिए जानलेवा साबित होती जा रही है। बेतिया जिले के साठी रेलवे स्टेशन के पास हुआ रेल हादसा इस बात का ताजा उदाहरण है, जहां दो 16 वर्षीय किशोरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
मृतकों की पहचान सलमान आलम (16), निवासी धर्मपुर साठी गांव और आलमगीर आलम (16), निवासी भेड़िहारी गांव के रूप में हुई है। दोनों किशोर मोबाइल पर रील बना रहे थे, तभी अमृत भारत ट्रेन की चपेट में आ गए।
घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक सोशल मीडिया की दीवानगी मासूम जिंदगियों को निगलती रहेगी।

