पलामू | विशेष रिपोर्ट (Dainik State)
नवविवाहिता की संदिग्ध मौत: हत्या के बाद शव दफनाने का आरोप, परंपरा तो दाह संस्कार की थी
पलामू में विवाहिता की मौत ने खड़े किए सवाल, रीति-रिवाज छोड़ शव दफनाने के पीछे क्या है राज?
झारखंड। पलामू जिले के नावा बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत तुकबेरा गांव में नवविवाहिता प्रियंका कुमारी उर्फ पूजा (22) की मौत अब केवल एक संदिग्ध घटना नहीं, बल्कि कई गंभीर सवालों को जन्म दे रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब विवाहिता की मृत्यु के बाद हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार दाह संस्कार किया जाना चाहिए, तो फिर शव को दफनाने की जरूरत क्यों पड़ी?प्रियंका की शादी कुछ माह पूर्व विश्रामपुर थाना क्षेत्र के भूखला गांव निवासी रंजीत कुमार मेहता से हुई थी।
ग्रामीणों और मायके पक्ष का आरोप है कि प्रियंका की हत्या की गई और साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को चुपचाप दफना दिया गया। परिजनों का कहना है कि उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होने तक की सूचना नहीं दी गई, जिससे संदेह और गहराता जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, शादी को अभी कुछ ही महीने हुए थे और मृतका अक्सर मानसिक प्रताड़ना की शिकायत करती थी। वहीं, पति के किसी अन्य महिला से कथित प्रेम संबंध की चर्चा भी गांव में आम है, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
❓ दफनाने को लेकर उठे अहम सवाल
विवाहिता का दाह संस्कार क्यों नहीं किया गया?
परिजनों को बिना बताए शव दफनाने की क्या मजबूरी थी?
क्या यह कदम सबूत मिटाने की साजिश का हिस्सा था?
मौत स्वाभाविक थी तो पोस्टमार्टम से क्यों बचा गया?
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक जांच समिति (JBC) की निगरानी में शव को कब्र से निकालने (एक्सह्यूमेशन) की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके बाद पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच से मौत के असली कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है।
नावा बाजार थाना प्रभारी के अनुसार, सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।