Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
नाइट क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन, सद्भावना मैच में नेता और अफसर की टीमों में मुकाबला2 भिलाई स्टील प्लांट के कोक ओवन पावर प्लांट में आग, गैस पाइपलाइन में लपटें तेज छत्तीसगढ़ में पुनर्वास से पुनर्जीवन, दरभा डिवीजन में सक्रिय 10 माओवादियों का आत्मसर्मपण MNREGA योजना का नाम क्यों बदल रही है मोदी सरकार? कैबिनेट में होगा फैसला, विपक्ष ने जताया कड़ा विरोध,... जयपुर मेट्रो का नेटवर्क होगा दोगुना! 36 स्टेशन बनाए जाएंगे इन नए रूट्स पर, लाखों यात्रियों को होगा फ... बहादुरगढ़ में एक साथ 4 फैक्ट्रियों में लगी आग:​​​​​​​ फायर ब्रिगेड की 12 गाड़ियों ने पाया काबू, लाखों... कुरुक्षेत्र में 5000 करोड़ के धान घोटाला मामले में DFSC पर गिरी गाज, पद से हटाया इतने लाख में बिका बहुचर्चित HR88B8888 VIP नंबर, व्यवसायी ने पत्नी के नाम पर खरीदा सावधान! हरियाणा में घने कोहरे का Alert, 2 डिग्री गिरा पारा, सबसे ठंडा रहा ये जिला पत्नी का कातिल निकला यूनिवर्सिटी का प्रोफैसर, टेस्ट ने किया ये चौंकाने वाला खुलासा!

सिंगरौली में विवादित जमीन की बिक्री के नाम पर 20 लाख की धोखाधड़ी, जानिए पूरा मामला

सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में जमीन बिक्री के नाम पर लगभग 20 लाख रुपयों की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इसमें 2 लाख रुपए रजिस्ट्री खर्च भी शामिल है. धोखाधड़ी की जानकारी जमीन खरीदने के लगभग ढाई वर्ष बाद लगी। जिसके बाद पीड़ित रूपचंद साकेत ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से जांच की मांग की है.

शिकायत आवेदन में आरोप है कि जमीन की खरीदी करने वालो से नामांतरण और रजिस्ट्री दर्ज कराने के नाम पर तत्कालीन पटवारी गंगा सिंह ने भी रिश्वत की मांग की थी.पटवारी गंगा सिंह ने एक लाख रुपए नगद और 10 हजार रुपए फोन पे के माध्यम से लिए था।

ये है पूरा मामला

जिले के ग्राम जैतपुर निवासी रूपचंद साकेत ने ढाई वर्ष पहले अपने तीन भाइयों और मां के नाम से ग्राम सिद्धिकला की भूमियों आराजी 632/1/1  का रकबा 0.1500 हेक्टेयर,आराजी 648/1/1 का रकबा 0.2940 हेक्टेयर और आराजी 632/2 का रकबा 0.1000 हेक्टेयर क्रय किया था.इसके लिए भू स्वामी गंगाराम वैश्य को 16 लाख 44 हजार रुपए का भुगतान चेक और नगद के देकर किया था। क्रय की हुई जमीन के नामांतरण करने और रजिस्ट्री दर्ज करने के लिए रूपचंद ने पटवारी को 1 लाख 10 हजार रुपए दिए थे

रूपचंद को जमीन क्रय करने के लगभग 2 वर्ष बाद पता चला कि जिन भूमियों की रजिस्ट्री उसने अपने भाइयों और मां के नाम करवाई थी वह भूमि विवादित है और खसरे में किसी अन्य व्यक्ति का नाम दर्ज है.जानकारी होने के बाद पीड़ित रूपचंद साकेत भू स्वामी गंगाराम वैश्य और पटवारी गंगा सिंह से अपने रुपए वापस मांगने लगा.कुछ महीने तक जब उसके रुपए वापस नहीं मिले तो इसकी शिकायत कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से की है।