अशोकधाम मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी पर भगदड़, पांच श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि; 8 से अधिक घायल
लखीसराय। सावन की तीसरी सोमवारी पर बिहार के प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में आस्था का सैलाब अचानक मातम में बदल गया। सोमवार सुबह मंदिर के बाहरी परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार हादसे में पांच श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 8 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में मृतकों की संख्या छह होने की आशंका भी जताई गई है, इसलिए आधिकारिक आंकड़े का इंतजार किया जा रहा है।
जलाभिषेक के लिए उमड़ी भीड़, अचानक मची अफरातफरी
सावन की तीसरी सोमवारी होने के कारण सुबह से ही अशोकधाम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवरिये जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे थे। भीड़ लगातार बढ़ती गई। इसी दौरान मंदिर के बाहरी परिसर में अचानक अफरातफरी की स्थिति पैदा हो गई और देखते ही देखते भगदड़ मच गई। भगदड़ में कई श्रद्धालु जमीन पर गिर गए और भीड़ के दबाव में एक-दूसरे के नीचे दब गए।
पोल में करंट फैलने की अफवाह से बिगड़ा माहौल!
हादसे के पीछे फिलहाल करंट फैलने की अफवाह सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर में किसी पोल में करंट प्रवाहित होने की बात भीड़ के बीच तेजी से फैली। इसके बाद श्रद्धालुओं में डर पैदा हुआ और लोग सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। इसी अचानक हुई हलचल ने भीड़ को बेकाबू कर दिया और भगदड़ की स्थिति बन गई। हालांकि, करंट वास्तव में फैला था या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
चीख-पुकार के बीच लोगों ने शुरू किया बचाव अभियान
भगदड़ के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। जमीन पर गिरे श्रद्धालुओं को बचाने के लिए आसपास मौजूद लोगों और अन्य श्रद्धालुओं ने तत्काल राहत का प्रयास शुरू किया। घायलों को बाहर निकालकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घायलों का इलाज सदर अस्पताल लखीसराय में शुरू किया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंचीं।
4. मंदिर परिसर में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर उठे सवाल
अशोकधाम मंदिर भगवान शिव के प्रमुख धार्मिक स्थलों में माना जाता है और सावन के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में तीसरी सोमवारी जैसे अत्यधिक भीड़ वाले दिन भीड़ को नियंत्रित करने, प्रवेश-निकास व्यवस्था और अफवाहों पर तत्काल नियंत्रण की चुनौती सामने आती है। हादसे के बाद अब प्रशासनिक व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। फिलहाल पुलिस-प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है तथा मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर आधिकारिक अपडेट का इंतजार है।
दैनिक स्टेट अपडेट: इस घटना में मौत और घायलों की संख्या के आंकड़े शुरुआती रिपोर्टों पर आधारित हैं। प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि के बाद आंकड़ों में बदलाव संभव है।

