धनबाद की कांटा पहाड़ी: कोयला माफियाओं का खौफ, भू-धसान से कांपती बस्ती, और सोता सिस्टम!”
बाघमारा में अवैध कोयला उत्खनन का खौफनाक खेल: एक मौत, हजारों बोरी अवैध कोयला, और प्रशासन की चुप्पी!
धनबाद (बाघमारा): धनबाद के बाघमारा इलाके में अवैध कोयला उत्खनन का मामला अब खुलेआम राजनीतिक रंग ले चुका है। बीते दिनों कांटा पहाड़ी में अवैध कोयला उत्खनन को लेकर दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत के बाद से स्थानीय लोगों का गुस्सा कोयला माफियाओं के खिलाफ फूट पड़ा है। लेकिन अब तक चुप रहे विधायक, सांसद और जनप्रतिनिधि भी अब तस्करों के खिलाफ मुहिम छेड़ने लगे हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह मुहिम सिर्फ दिखावा है, या असल में कुछ बदलाव आएगा?
कांटा पहाड़ी में भू-धसान से दहशत, विधायक रागिनी सिंह ने अवैध माइनिंग पर जताई नाराजगी। बाघमारा: बीसीसीएल कतरास क्षेत्र के अंगारपथरा कांटा पहाड़ी में भू-धसान की घटना के बाद झरिया विधायक रागिनी सिंह ने बुधवार को प्रभावित इलाके का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने देखा कि हजारों बोरी अवैध कोयला खुलेआम जमा है, जबकि आसपास के घरों में दरारें पड़ चुकी हैं और लोग दहशत में जी रहे हैं। “चोर आया, कोयला काटा, चला गया… पुलिस और CISF आई ही नहीं!”। स्थानीय लोगों ने विधायक को बताया कि रात-दिन अवैध उत्खनन जारी रहा, लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। एक महिला ने कहा, “हमने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब तो हमारे घरों में दरारें पड़ गई हैं, और हम मौत के मुंह में जी रहे हैं!”
सीआईएसएफ कैंप से महज 20 मीटर दूर चलता रहा काला खेल!
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अवैध कोयला उत्खनन का यह पूरा खेल सीआईएसएफ कैंप से महज 20 मीटर की दूरी पर हो रहा था! विधायक रागिनी सिंह ने मौके पर ही एरिया-4 के जीएम बीके झा को फोन लगाकर फटकार लगाई और कहा कि “अगर तुरंत अवैध कोयला नहीं हटाया गया, तो वे धरने पर बैठ जाएंगी!”
विधायक का आरोप: “कोयला माफियाओं का मनोबल इतना बढ़ गया कि अब मंदिरों को भी नहीं छोड़ रहे!”
रागिनी सिंह ने कहा कि कोयलांचल में कोयला चोरी नई बात नहीं है, लेकिन अवैध माइनिंग के जरिए आम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करना दंडनीय अपराध है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाघमारा में कोयला माफियाओं का मनोबल इतना बढ़ गया है कि अब मंदिरों तक को नहीं छोड़ा जा रहा है!
“कांटा पहाड़ी अब ‘खतरे की बस्ती’ बन चुकी है!”
विधायक ने कहा कि कई घरों में बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं और लोग हर पल दहशत में जी रहे हैं। उन्होंने मांग की कि बीसीसीएल तत्काल प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो वे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएंगी।
प्रशासन की लापरवाही: “सिस्टम सोता रहा, और कोयला माफिया जागता रहा!”
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और बीसीसीएल की लापरवाही के कारण ही यह हालत हुई है। एक ग्रामीण ने कहा, “हमने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब तो हमारे घरों में दरारें पड़ गई हैं, और हम मौत के मुंह में जी रहे हैं!”
“अगर भू-धसान के बाद भी अवैध खनन नहीं रुका, तो जिम्मेदार कौन?”
- क्या सीआईएसएफ और पुलिस की मिलीभगत है?
- क्या बीसीसीएल अधिकारियों की लापरवाही है?
- क्या जनप्रतिनिधि सिर्फ वोट के लिए आते हैं?
अब क्या होगा?
विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि वे अवैध माइनिंग के खिलाफ व्यापक अभियान चलाएंगी और लगातार बाघमारा क्षेत्र का दौरा करेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दोबारा शिकायत मिली, तो वे सड़क पर उतरकर बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कराएंगी।
“कोयला माफियाओं के खिलाफ अब आवाज उठानी होगी, नहीं तो यह खेल कभी नहीं रुकेगा!” – रागिनी सिंह, विधायक, झरिया
निष्कर्ष: “धनबाद की जमीन कांप रही है, लेकिन सिस्टम अभी भी सोया हुआ है!”
बाघमारा की कांटा पहाड़ी में अवैध कोयला उत्खनन का यह मामला अब सिर्फ एक घटना नहीं रह गया है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही, राजनीतिक चुप्पी और कोयला माफियाओं के खौफ का प्रतीक बन चुका है। अब देखना यह होगा कि क्या विधायक की मुहिम असल में कुछ बदलाव लाएगी, या यह सिर्फ एक राजनीतिक नाटक साबित होगा?

