हजारीबाग में नकली NCERT किताबों का बड़ा खुलासा, तीन बुक स्टोर पर FIR दर्ज
झारखंड के हजारीबाग में जिला प्रशासन ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए नकली NCERT किताबों की बिक्री करने वाले रैकेट पर कार्रवाई की है। उपायुक्त हेमंत सती के निर्देश पर आनंदा चौक स्थित संगम बुक डिपो, ज्ञान भंडार-1 और ज्ञान भंडार-2 में एक साथ छापेमारी की गई। जांच के दौरान कक्षा 9 की बड़ी संख्या में संदिग्ध किताबें बरामद हुईं। प्रशासन ने पाया कि किताबों पर NCERT का आधिकारिक होलोग्राम नहीं था और पन्नों पर लोगो वाला वॉटरमार्क भी गायब था। कागज, प्रिंटिंग और बाइंडिंग की गुणवत्ता भी बेहद खराब मिली। प्रारंभिक जांच के बाद तीनों दुकानों के खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम 1957 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। कार्रवाई के बाद शहर के पुस्तक कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
घटिया प्रिंटिंग और बिना होलोग्राम की किताबें बेच रहे थे कारोबारी, प्रशासन ने जब्त किया स्टॉक
जिला प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि हजारीबाग में कुछ दुकानों पर असली NCERT किताबों के नाम पर नकली पुस्तकें बेची जा रही हैं। शिकायतों के सत्यापन के बाद शुक्रवार शाम प्रशासनिक टीम ने छापेमारी अभियान चलाया। अधिकारियों ने जब किताबों की जांच की तो कई गंभीर खामियां सामने आईं। किताबों पर मौजूद रहने वाला सुरक्षा होलोग्राम नहीं मिला, जबकि पन्नों पर NCERT का वॉटरमार्क भी गायब था। विशेषज्ञों के अनुसार असली किताबों की तुलना में इनकी प्रिंटिंग धुंधली और कागज निम्न स्तर का था। प्रशासन ने बड़ी संख्या में संदिग्ध किताबें जब्त कर ली हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नकली किताबें छात्रों की पढ़ाई को प्रभावित करती हैं और अभिभावकों से ठगी का माध्यम बनती हैं। मामले में आगे सप्लाई चेन की भी जांच की जाएगी।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़! नकली किताबों के नेटवर्क की जड़ तक पहुंचेगा प्रशासन
हजारीबाग में सामने आए नकली NCERT किताब कांड ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह केवल स्थानीय स्तर का मामला नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे बड़ा सप्लाई नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका है। छापेमारी में पकड़ी गई किताबें खासकर कक्षा 9 की थीं, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि परीक्षा और नए शैक्षणिक सत्र को देखते हुए फर्जी किताबों की बिक्री बढ़ाई जा रही थी। जिला प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि नकली किताबें कहां से छपकर आ रही थीं और किन-किन जिलों तक इनकी सप्लाई हो रही थी। अभिभावकों से अपील की गई है कि किताब खरीदते समय होलोग्राम, वॉटरमार्क और प्रिंटिंग गुणवत्ता की जांच जरूर करें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
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Sunday, May 10
