बहुपत्नी विवाह रोकने में पुलिस की तेजी: तीन शादियों का ड्रामा उजागर
दूसरी पत्नी की सूझबूझ से तीसरी शादी पर लगी रोक
बुधवार की देर रात बाघमारा थाना क्षेत्र में एक अवैध बहुपत्नी विवाह को रोका गया। गिरिडीह जिले की निवासी आसमीन प्रवीन को जब पता चला कि उनका पति मंजर अंसारी चोरी-छिपे तीसरी शादी करने जा रहा है, तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई की। आसमीन ने स्वयं को संभले रखा, बाघमारा थाने में पहुंचीं और पुलिस की मदद से विवाह समारोह को ऐन मौके पर रोकवा दिया। इस तेज कार्रवाई ने एक बड़े पारिवारिक संकट को रोकने में सफलता पाई। पुलिस की मौजूदगी में परिजनों के बीच घंटों तक तीखी बहसबाजी हुई, लेकिन अवैध विवाह संपन्न नहीं हो सका।
पहली पत्नी की प्रताड़ना को लेकर दहेज केस पहले से लंबित
मंजर अंसारी की पहली पत्नी शाहीन परवीन हजारीबाग जिले के माधोपुर गांव (बरही) की निवासी हैं। विवाह के कुछ समय बाद ही मंजर और उसके परिवार ने शाहीन के साथ कठोर व्यवहार शुरू कर दिया। दहेज की मांग और शारीरिक प्रताड़ना के मामले में शाहीन ने हजारीबाग की अदालत में शिकायत दर्ज की है, जो वर्तमान में विचाराधीन है। आसमीन को पंचायती मीटिंग में ही पता चला कि पहली शादी का रहस्य कितना गहरा है और मंजर अंसारी ने जानबूझकर अपने पहले विवाह को छुपाकर झूठ बोला था। यह प्रकरण पारिवारिक धोखाधड़ी का एक जघन्य उदाहरण प्रस्तुत करता है।
पुलिस की सक्रियता और कानूनी कार्रवाही में तेजी
बाघमारा थाना की पुलिस ने इस गंभीर मामले को तुरंत संभाला। आसमीन प्रवीन की लिखित शिकायत के तहत पुलिस ने निकाह समारोह को रोकने के लिए अविलंब कदम उठाए। पीड़िता ने स्पष्ट किया कि 20 जुलाई 2019 को उनका विवाह मंजर अंसारी के साथ हुआ था और विवाह के एक साल बाद ही प्रताड़ना की शुरुआत हुई थी। पुलिस ने लिखित शिकायत के आधार पर मामले की गहनता से जांच शुरू की है। तीसरी पत्नी के पिता कमल अंसारी के घर से होने वाली इस अवैध शादी को रोकना समाज में बहुपत्नी प्रथा के विरुद्ध एक मजबूत संदेश है। कानूनी कार्रवाई जारी है और पुलिस दोनों पत्नियों और पीड़िता के साथ पूरी तरह सहयोग करने का वचन दिया
