जंगल-जंगल मार्च… सुतली बम से हमला! आखिर किसके संरक्षण में चल रहा धनबाद का ‘कोयला साम्राज्य’?”
धनबाद के कतरास स्थित केशलपुर में अवैध कोयला खनन के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा अब सड़कों से जंगलों तक पहुंच गया है। लगातार हो रहे अवैध उत्खनन से परेशान ग्रामीणों ने विरोध मार्च निकालते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे खुलेआम कोयले की तस्करी जारी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है। विरोध के दौरान माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब कथित तौर पर तस्करों ने ग्रामीणों को डराने के लिए कई सुतली बम फोड़ दिए। धमाकों से इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोगों का कहना है कि यदि सब कुछ सामान्य है तो फिर ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आंदोलन क्यों कर रहे हैं? सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो ने भी प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
“खोखली हो रही जमीन, दहशत में गांव… केशलपुर में अवैध खनन के खिलाफ फूटा जनाक्रोश”
रामकनाली ओपी क्षेत्र के केशलपुर में अवैध कोयला खनन अब ग्रामीणों के लिए बड़ी आफत बनता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार हो रहे अवैध उत्खनन से जमीन अंदर ही अंदर खोखली हो रही है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। गांव के लोग भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर हैं। इसी को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। आंदोलन का नेतृत्व झिंझीपहाड़ी पंचायत की मुखिया प्रेमलता कुमारी और जमुआटांड़ मुखिया निरंजन गोप ने किया। जनप्रतिनिधियों ने साफ कहा कि यदि जल्द अवैध खनन पर रोक नहीं लगी तो स्थिति विस्फोटक हो सकती है। प्रदर्शन के दौरान सुतली बम फोड़े जाने से लोगों में और दहशत फैल गई। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर कोयला तस्करों को इतना दुस्साहस और संरक्षण कौन दे रहा है कि वे खुलेआम धमकी और हमला करने लगे हैं।
“पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल… विरोध करने वालों को धमाका कर चुप कराने की कोशिश?”
धनबाद में अवैध कोयला कारोबार को लेकर एक बार फिर पुलिस प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है। केशलपुर में ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए सुतली बम धमाकों ने पूरे इलाके को दहला दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कोयला तस्कर इतने बेखौफ हो चुके हैं कि अब विरोध करने वालों को डराने-धमकाने के लिए बम तक इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन हो रहे विरोध प्रदर्शन यह साबित करने के लिए काफी हैं कि इलाके में अवैध कारोबार चरम पर है। इसके बावजूद प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं। फिलहाल गांवों में डर का माहौल है, लेकिन ग्रामीण पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अवैध खनन बंद नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा।
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Thursday, May 21

