पहले 10 रुपये मांगे… फिर उड़ गए ₹1.13 लाख!” गूगल सर्च से शुरू हुई साइबर लूट की पूरी स्क्रिप्ट
सरायकेला भाजपा नगर अध्यक्ष विजय दत्ता के साथ हुई साइबर ठगी अब लोगों के लिए बड़ा सबक बन गई है। बीमार मां के इलाज के लिए डॉक्टर का अपॉइंटमेंट लेने निकले दत्ता ने गूगल पर अस्पताल का नंबर खोजा, लेकिन दूसरी तरफ असली अस्पताल नहीं बल्कि साइबर गिरोह बैठा था। पहले भरोसा जीतने के लिए सिर्फ 10 रुपये का टोकन मांगा गया। फिर व्हाट्सऐप लिंक, बारकोड और ऑनलाइन पेमेंट का ऐसा जाल बिछाया गया कि तीन बैंक खाते मिनटों में खाली हो गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ठगी का एहसास तब हुआ, जब दूध खरीदने के लिए ऑनलाइन पेमेंट फेल हो गया।
“व्हाट्सऐप लिंक खुला और खाते बंद!” सरायकेला में साइबर अपराधियों का नया ‘अस्पताल मॉडल’ बेनकाब
झारखंड में साइबर अपराधियों ने अब ठगी का नया तरीका निकाल लिया है। इस बार निशाना बने भाजपा नगर अध्यक्ष विजय दत्ता। अपराधियों ने खुद को अस्पताल कर्मी बताकर डॉक्टर अपॉइंटमेंट का झांसा दिया। इसके बाद 10 रुपये के टोकन के नाम पर एक संदिग्ध लिंक भेजा गया। जैसे ही लिंक खुला, मोबाइल और बैंकिंग डिटेल्स साइबर ठगों की पकड़ में पहुंच गई। कुछ ही घंटों में अलग-अलग खातों से 1.13 लाख रुपये गायब हो गए। पुलिस अब उस नंबर और बैंक ट्रांजेक्शन की कड़ियां जोड़ रही है। मामला सामने आने के बाद शहर में दहशत और गुस्सा दोनों है।
“दूध खरीदने पहुंचे तो खुला राज!” रात 10 बजे भाजपा नेता को पता चला— खाते हो चुके हैं साफ
साइबर ठगी की यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। दिन में अस्पताल अपॉइंटमेंट के लिए किया गया एक फोन कॉल रात तक लाखों की ठगी में बदल गया। विजय दत्ता को शुरुआत में शक तक नहीं हुआ, क्योंकि ठग बेहद प्रोफेशनल अंदाज में बात कर रहे थे। लेकिन रात करीब 10 बजे जब वह दुकान बंद कर दूध लेने पहुंचे और ऑनलाइन पेमेंट करने लगे, तब मोबाइल स्क्रीन ने बड़ा झटका दिया— खाते में पैसा ही नहीं बचा था। जांच में पता चला कि साइबर अपराधियों ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए तीन खातों से कुल 1.13 लाख रुपये उड़ा लिए हैं। अब यह मामला इलाके में चर्चा का सब

