HI लिखते ही हैक हुआ मोबाइल! 82 वर्षीय बुजुर्ग से 2 घंटे में ₹7.65 लाख की साइबर ठगी, 40 दिन में पुलिस ने लौटाए ₹7 लाख से अधिक
‘HI’ भेजते ही साइबर ठगों के जाल में फंसे बुजुर्ग
बोकारो: साइबर अपराधियों के नए-नए हथकंडे लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। इस बार चास की गुजरात कॉलोनी निवासी 82 वर्षीय नरेंद्र कुमार सिन्हा साइबर ठगी का शिकार बने। उन्हें व्हाट्सएप कॉल कर खुद को HDFC बैंक का अधिकारी बताने वाले ठग ने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा दिया। भरोसा जीतने के बाद ठग ने केवल “HI” लिखकर भेजने को कहा। जैसे ही बुजुर्ग ने मैसेज भेजा, उनका मोबाइल साइबर अपराधियों के नियंत्रण में चला गया और ठगी की पूरी साजिश शुरू हो गई।
दो घंटे में खाते और क्रेडिट कार्ड से उड़ाए ₹7.65 लाख
मोबाइल पर नियंत्रण मिलते ही साइबर अपराधियों ने तेजी से बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग किया। महज दो घंटे के भीतर पीड़ित के बैंक खाते के साथ-साथ HDFC और ICICI बैंक के क्रेडिट कार्ड से करीब ₹7.65 लाख की अवैध निकासी कर ली गई। जब मोबाइल पर लगातार लेन-देन के संदेश आने लगे, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने तुरंत बोकारो साइबर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
तकनीकी जांच और बैंकों के सहयोग से 40 दिन में बड़ी सफलता
शिकायत मिलते ही बोकारो साइबर थाना सक्रिय हो गया। पुलिस ने ट्रांजेक्शन ट्रैक किए, संबंधित बैंकों से समन्वय स्थापित किया और जिन खातों में रकम गई थी, उन्हें समय रहते फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू की। लगातार तकनीकी जांच के बाद 40 दिनों के भीतर ₹7 लाख से अधिक की राशि पीड़ित को वापस दिला दी गई। पुलिस अब बाकी राशि की रिकवरी और साइबर गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
डीएसपी की अपील- एक मैसेज भी पड़ सकता है भारी, रहें सतर्क
मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार ने कहा कि साइबर अपराधी अब केवल लिंक या ओटीपी ही नहीं, बल्कि सामान्य चैट और सोशल इंजीनियरिंग के जरिए भी लोगों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल, व्हाट्सएप संदेश या बैंक अधिकारी बनकर की गई बातचीत पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी तरह की साइबर ठगी होने पर बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

