धर्मेंद्र पटेल । दैनिक स्टेट हेड
इफिको प्लांट में मजदूरों की आवाज बने पियूष चौधरी, जीएम के सामने उठाए भुगतान और पीएफ के गंभीर मुद्दे
रामगढ़: मरार स्थित SAIL रिफ्रैक्टर यूनिट इफिको प्लांट में शनिवार को आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में युवा आजसू के रामगढ़ जिला प्रभारी एवं युवा समाजसेवी पियूष चौधरी ने मजदूरों और ग्रामीणों से जुड़े कई अहम मुद्दों को जोरदार ढंग से उठाया। बैठक में प्लांट के महाप्रबंधक (जीएम) के समक्ष मजदूरों के लंबित वेतन, समय पर भुगतान नहीं होने और वर्षों से पीएफ लाभ से वंचित कर्मचारियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
पियूष चौधरी ने कहा कि उद्योग की रीढ़ माने जाने वाले श्रमिकों को यदि समय पर उनका मेहनताना और वैधानिक अधिकार नहीं मिले तो यह सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है। उन्होंने प्रबंधन से मांग की कि सभी लंबित भुगतानों का शीघ्र निपटारा किया जाए और पीएफ से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाए। बैठक के दौरान श्रमिक प्रतिनिधियों ने भी मजदूरों की परेशानियों को साझा किया, जिस पर प्रबंधन ने सकारात्मक पहल का भरोसा दिया।
पेयजल संकट और सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गरजे पियूष चौधरी, बोले– विकास के नाम पर ग्रामीणों की उपेक्षा नहीं चलेगी
इफिको प्लांट प्रबंधन के साथ हुई बैठक में केवल मजदूरों की समस्याएं ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। पियूष चौधरी ने क्षेत्र में गहराते पेयजल संकट पर चिंता जताते हुए कहा कि उद्योगों के आसपास रहने वाले लोगों को यदि स्वच्छ पानी तक न मिले तो विकास के दावे अधूरे साबित होते हैं।
उन्होंने सड़क निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग भी की। चौधरी ने स्पष्ट कहा कि यदि निर्माण कार्यों में अनियमितता, लापरवाही या ग्रामीणों के हितों की अनदेखी सामने आती है तो इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं का उद्देश्य लोगों का जीवन बेहतर बनाना होना चाहिए, न कि उन्हें परेशानियों में धकेलना। ग्रामीणों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा।
“मजदूरों का पसीना और ग्रामीणों का स्वाभिमान सबसे बड़ी पूंजी” – पियूष चौधरी ने दी जनहित आंदोलन की चेतावनी
रामगढ़: बैठक के दौरान पियूष चौधरी ने उद्योग और समाज के रिश्ते पर अपनी स्पष्ट राय रखते हुए कहा कि किसी भी कंपनी की वास्तविक सफलता उत्पादन आंकड़ों से नहीं, बल्कि मजदूरों के विश्वास और ग्रामीणों के सहयोग से तय होती है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों का हनन और ग्रामीणों की उपेक्षा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने प्रबंधन को चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि यदि जनहित से जुड़े मुद्दों की अनदेखी की गई तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और जांच की मांग की जाएगी। चौधरी ने कहा कि मजदूरों को समय पर वेतन, पीएफ का लाभ, ग्रामीणों को पेयजल और गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य उपलब्ध कराना कंपनी की सामाजिक जिम्मेदारी है। बैठक के अंत में सभी पक्षों ने क्षेत्र में विकास, श्रमिक सम्मान और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर बल दिया।
बैठक में श्रमिक संघ के जिला उपाध्यक्ष राजकिशोर सिंह, जिला सह सचिव प्रकाश महतो, विजय प्रसाद, रामा यादव, संतोष यादव, अरुण सिंह, बीरू करमाली, रंजीत कुमार सिंह, जितेंद्र ठाकुर, रोहित सोनी, कुणाल कुमार, राज पासवान एवं सुमंत चौधरी सहित कई लोग उपस्थित रहे।

