सरकारी खजाने पर सेंध! 22.69 लाख रुपये निजी खाते में ट्रांसफर, एक गिरफ्तार
खूंटी: झारखंड के खूंटी जिले में सरकारी राशि के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। SIRB-02 वाहिनी मुख्यालय की लेखा शाखा से 22 लाख 69 हजार रुपये की सरकारी राशि कथित रूप से निजी बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई। मामले की जांच में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने बिहार के पटना निवासी शुभम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मामले का मुख्य आरोपी और लेखापाल अजित सिंह अभी भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। सरकारी धन के दुरुपयोग की इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
त्रिस्तरीय जांच में खुला खेल, रिपोर्ट आते ही दर्ज हुई प्राथमिकी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच कराई। जांच टीम में मजिस्ट्रेट विपिन चंद्र विश्वास, ट्रेजरी ऑफिसर शिव कुमार सिंह और अपर समाहर्ता को शामिल किया गया था। संयुक्त जांच के दौरान पाया गया कि सरकारी नियमों और वित्तीय प्रक्रियाओं को दरकिनार कर बड़ी राशि निजी खाते में भेजी गई थी। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद तत्कालीन उपायुक्त सौरभ भुवानिया के निर्देश पर खूंटी कोषागार पदाधिकारी ने लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर 21 मई को खूंटी थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
चचेरे भाई के खाते का इस्तेमाल, कमीशन के बदले चलता रहा खेल
गिरफ्तार शुभम सिंह से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस के अनुसार शुभम ने स्वीकार किया कि उसके चचेरे भाई अजित सिंह ने उसके नाम पर बैंक खाता खुलवाया था। इतना ही नहीं, खाते में अपना मोबाइल नंबर लिंक कर अजित ही सभी लेन-देन की निगरानी करता था। शुभम का कहना है कि खाते में होने वाले बड़े ट्रांजेक्शन की पूरी जानकारी उसे नहीं रहती थी। हालांकि, खाते के इस्तेमाल के एवज में उसे समय-समय पर कुछ राशि कमीशन के तौर पर मिलती थी। इस खुलासे ने जांच को नई दिशा दे दी है।
मास्टरमाइंड की तलाश तेज, गबन के पूरे नेटवर्क की होगी जांच
एसपी ऋषभ गर्ग के निर्देश पर डीएसपी मंगल सिंह जामुदा के नेतृत्व में गठित एसआईटी अब पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सरकारी राशि के गबन में अन्य कर्मचारियों या बाहरी लोगों की भूमिका तो नहीं रही। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि अवैध रूप से ट्रांसफर की गई रकम कहां और किस माध्यम से खर्च की गई। शुभम सिंह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी अजित सिंह की गिरफ्तारी के लिए झारखंड और बिहार में कई स्थानों पर छापेमारी जारी है।
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Monday, November 2

