🔴 क्या चाईबासा बनता जा रहा है HIV ज़ोन? तीन पॉजिटिव, पुरानी फाइलें और सरकारी चुप्पी—सिस्टम पर बड़ा सवाल चाईबासा सदर अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों के HIV पॉजिटिव पाए जाने के बाद रांची से स्वास्थ्य विभाग की छह सदस्यीय टीम जांच के लिए पहुंची। लेकिन जांच से ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि अधिकारी मीडिया के सवालों से बचते हुए नजर आए। सवाल यह है—जब मामला इतना गंभीर है, तो जवाब क्यों नहीं?
पुराने मामले, नई जांच… फिर वही सन्नाटा
क्या सरकारी लापरवाही से चाईबासा HIV का साइलेंट हब बन रहा है?
यह पहला मौका नहीं है जब चाईबासा में HIV को लेकर सवाल उठे हों। इससे पहले भी ब्लड बैंक और मेडिकल प्रक्रियाओं पर उंगलियां उठ चुकी हैं। हर बार जांच की बात होती है, फाइलें खुलती हैं, टीमें आती हैं—लेकिन निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं होते। अब जब एक ही परिवार के तीन लोग संक्रमित पाए गए हैं, तो सवाल और गंभीर हो गए हैं।
ब्लड बैंक कटघरे में, जवाबदेही गायब
HIV जांच के बाद क्यों भागते दिखे अधिकारी?
परिवार का आरोप है कि जनवरी 2023 में उक्त महिला की पहली डिलीवरी (सी-सेक्शन) चाईबासा सदर अस्पताल में हुई थी। प्रसव के दौरान महिला को रक्त की आवश्यकता पड़ी, जो सदर अस्पताल के ब्लड बैंक से उपलब्ध कराया गया था। परिवार का आरोप है कि उसी दौरान महिला को संक्रमित रक्त चढ़ा दिया गया। सदर अस्पताल के ब्लड बैंक से HIV संक्रमित खून चढ़ाया गया। इसी आरोप की जांच के लिए रांची से आई टीम ने ब्लड बैंक से जुड़े रिकॉर्ड और फाइलों की जांच की। टीम ने सिविल सर्जन और अन्य अधिकारियों से बातचीत भी की। लेकिन बाहर निकलते ही मीडिया से दूरी बना ली गई।
👉 क्या सच इतना असहज है कि कैमरे से बचना जरूरी हो गया?
🔍 पूर्व HIV मामलों की परछाईं
25 अक्टूबर 2025 में भी झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल चाईबासा के ब्लड बैंक से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया था थैलीसीमिया से पीड़ित सात वर्षीय बच्चे को कथित तौर पर एचआईवी पॉजिटिव रक्त चढ़ाए जाने के आरोप के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था शुरुआती जांच में जहां एक बच्चे के संक्रमित होने की बात सामने आई थी, वहीं रांची से आई विशेष मेडिकल टीम की जांच में चार और बच्चों के एचआईवी पॉजिटिव पाए जाने की पुष्टि हुई थी मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम चाईबासा सदर अस्पताल पहुंची और ब्लड बैंक से संबंधित रिकॉर्ड, रक्त जांच रिपोर्ट और ट्रांसफ्यूजन प्रक्रिया की जांच की। साथ ही थैलीसीमिया से पीड़ित अन्य बच्चों की भी स्वास्थ्य जांच कराई गई।
घटना के बाद पीड़ित परिवारों में चिंता का माहौल है। सिविल सर्जन कार्यालय ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संबंधित बच्चों को आवश्यक चिकित्सकीय उपचार और परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है।
HIV संक्रमण से जुड़े छिटपुट लेकिन गंभीर मामले सामने आए
ब्लड बैंक और मेडिकल स्क्रीनिंग को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठे
जांच की बातें हुईं, लेकिन सार्वजनिक रिपोर्टिंग नहीं
आज का मामला उन पुराने सवालों को फिर जिंदा कर रहा है—
क्या सिस्टम ने उनसे कुछ सीखा?

