Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
नाइट क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन, सद्भावना मैच में नेता और अफसर की टीमों में मुकाबला2 भिलाई स्टील प्लांट के कोक ओवन पावर प्लांट में आग, गैस पाइपलाइन में लपटें तेज छत्तीसगढ़ में पुनर्वास से पुनर्जीवन, दरभा डिवीजन में सक्रिय 10 माओवादियों का आत्मसर्मपण MNREGA योजना का नाम क्यों बदल रही है मोदी सरकार? कैबिनेट में होगा फैसला, विपक्ष ने जताया कड़ा विरोध,... जयपुर मेट्रो का नेटवर्क होगा दोगुना! 36 स्टेशन बनाए जाएंगे इन नए रूट्स पर, लाखों यात्रियों को होगा फ... बहादुरगढ़ में एक साथ 4 फैक्ट्रियों में लगी आग:​​​​​​​ फायर ब्रिगेड की 12 गाड़ियों ने पाया काबू, लाखों... कुरुक्षेत्र में 5000 करोड़ के धान घोटाला मामले में DFSC पर गिरी गाज, पद से हटाया इतने लाख में बिका बहुचर्चित HR88B8888 VIP नंबर, व्यवसायी ने पत्नी के नाम पर खरीदा सावधान! हरियाणा में घने कोहरे का Alert, 2 डिग्री गिरा पारा, सबसे ठंडा रहा ये जिला पत्नी का कातिल निकला यूनिवर्सिटी का प्रोफैसर, टेस्ट ने किया ये चौंकाने वाला खुलासा!

सिलक्यारा सुरंग के ब्रेकथ्रू कार्यक्रम में पहुंचे CM धामी, टनल बनने से गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के बीच 25 किमी दूरी होगी कम

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सिलक्यारा सुरंग के ब्रेकथ्रू कार्यक्रम में भाग किया. 2023 में सिलक्यारा सुरंग निर्माण के दौरान 41 श्रमिक 17 दिनों तक भीतर फंस गये थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

मुख्यमंत्री धामी ने सिलक्यारा टनल ब्रेकथ्रू के अवसर पर परियोजना से जुड़े सभी इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों, श्रमिकों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह इंजीनियरिंग की सफलता का प्रतीक है और समर्पण की शक्ति का जीवंत उदाहरण भी. उन्होंने कहा कि सिलक्यारा टनल अभियान दुनिया का सबसे जटिल और लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन था. इससे जुड़े प्रत्येक व्यक्ति ने मानवता और टीम वर्क की एक अद्भुत मिसाल कायम की.

रेस्क्यू अभियान पर पूरी दुनिया की थी नजर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सिलक्यारा अभियान पर पूरी दुनिया की नजरें थीं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और भारत सरकार के पूर्ण सहयोग से राज्य सरकार ने इस चुनौतीपूर्ण अभियान को सफलता पूर्वक संचालित किया. इस रेस्क्यू अभियान में देश और दुनिया में उपलब्ध आधुनिक संसाधनों और विशेषज्ञों का भी सहयोग लिया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरंग में फंसे मजदूरों ने जिस धैर्य का परिचय दिया, इससे हमारा हौसला बढ़ा.

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर बाबा बौखनाग मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भी भाग लिया. बौखनाथ मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के लिए देहरादून स्थित अपने घर से मुख्यमंत्री भेंट और पूजा सामग्री लेकर सिलक्यारा पहुंचे. सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों के सकुशल रेस्क्यू के लिए मुख्यमंत्री ने स्वयं सिल्क्यारा अभियान के दौरान कैम्प कर रेस्क्यू अभियान की निरंतर निगरानी और निर्देशन किया था. रेस्क्यू अभियान की सफलता के लिए मुख्यमंत्री ने बाबा बौखनाग से मन्नत मांगते हुए मंदिर निर्माण का संकल्प लिया था.

प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

मुख्यमंत्री ने बाबा बौखनाग से प्रदेश की खुशहाली और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की. उन्होंने कहा कि जब सुरंग के मुख पर बाबा बौखनाग को विराजमान किया, तभी फंसे हुए मजदूरों को बाहर निकाला जा सका. उस समय उन्होंने बाबा बौखनाग का भव्य मंदिर बनाने की घोषणा की थी. आज मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होने से संकल्प भी पूरा हुआ है और श्रद्धालु भी बाबा बौखनाग का आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे.

मुख्यमंत्री धामी की महत्वपूर्ण घोषणाएं

  • सिलक्यारा टनल का नाम बाबा बौखनाग के नाम पर किये जाने की कार्यवाही की जाएगी.
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गेंवला-ब्रह्मखाल को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनाया जाएगा.
  • बौखनाग टिब्बा को पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा.
  • स्यालना के निकट हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा.

इस अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय टमटा, विधायक सुरेश चौहान, दुर्गेश्वर लाल, संजय डोभाल, प्रबंध निदेशक राष्ट्रीय राजमार्ग डॉ. कृष्ण कुमार, जिलाधिकारी उत्तरकाशी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, एसपी सरिता डोभाल, जनप्रतिनिधिगण और अधिकारीगण उपस्थित थे.