आसनसोल से लाया गया ‘मेजर’, धनबाद पुलिस के रिमांड पर—सफेदपोश कनेक्शन पर टिकी नजर
झारखंड के अपराध जगत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। वासेपुर से जुड़े कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के करीबी सहयोगी सैफी अब्बास उर्फ ‘मेजर’ को धनबाद पुलिस ने रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ में गैंग के पीछे छिपे बड़े नेटवर्क और तथाकथित सफेदपोश चेहरों का पर्दाफाश हो सकता है।
सैफी अब्बास उर्फ ‘मेजर’ को नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (दमदम एयरपोर्ट) से 19 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। वह दुबई से भारत लौटने के बाद फरार होने की कोशिश में था, लेकिन इंटरपोल इनपुट के आधार पर समय रहते पुलिस ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद कोलकाता पुलिस ने उससे पूछताछ की, फिर उसे आसनसोल होते हुए धनबाद लाया गया। धनबाद में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) अदालत में पेशी के बाद पुलिस को 3 दिनों का रिमांड मिला है। फिलहाल अलग-अलग थानों की पुलिस संयुक्त रूप से उससे पूछताछ कर रही है।
गैंग का ‘राइट हैंड’ और अपराध का लंबा इतिहास
जांच एजेंसियों के अनुसार, ‘मेजर’ प्रिंस खान गैंग का बेहद करीबी और भरोसेमंद सदस्य था। वह झारखंड में व्यापारियों से रंगदारी वसूली, धमकी भरे ऑडियो-वीडियो भेजने और फायरिंग जैसी घटनाओं में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।
धनबाद जिले में उसके खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, आर्म्स एक्ट और रंगदारी जैसे करीब 15 मामले दर्ज हैं, जबकि 25 से अधिक मामलों में उसका नाम सामने आ चुका है।
अब सबसे बड़ा सवाल—कौन हैं पीछे के ‘सफेदपोश’?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रिमांड के दौरान ‘मेजर’ से गैंग के फाइनेंस, लॉजिस्टिक्स और राजनीतिक/व्यावसायिक कनेक्शन को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है।
सबसे अहम सवाल यही है कि क्या इस पूछताछ से उन सफेदपोश लोगों के नाम सामने आएंगे, जो पर्दे के पीछे रहकर इस गैंग को संरक्षण और संसाधन उपलब्ध करा रहे थे?
आने वाले 3 दिन इस मामले में बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं—क्योंकि ‘मेजर’ की जुबान खुली, तो सिर्फ गैंग ही नहीं, बल्कि उसके पूरे नेटवर्क का चेहरा बेनकाब हो सकता है।

