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जिस झीरम घाटी के नाम से डर लगता था, वहां आधी रात को गुजरा गृहमंत्री Vijay Sharma का काफिला…

सुकमा। छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने सुकमा कलेक्ट्रेट में नक्सली हिंसा प्रभावित संवेदनशील क्षेत्र के जनपद सदस्य, सरपंचों के साथ नक्सली मुक्त बस्तर के निर्माण को लेकर चर्चा की, इस बैठक में कलेक्टर देवेश कुमार और एसपी किरण भी मौजूद थे। 13 अप्रैल को बैठक के बाद गृहमंत्री विजय शर्मा  सुकमा से निकलते हैं और उस रास्ते से होकर रायपुर रवाना होते हैं। यहां का नाम सुनते ही दिल दहल उठता है। गृहमंत्री सुकमा से झीराम घाटी मार्ग से होते हुए देर रात को रायपुर लौटे गृहमंत्री विजय शर्मा ने झीरम घाटी से रात को गुजरते समय का वीडियो भी शेयर किया है।

झीरम घाटी पर दिन में लोग जाने से कतराते हैं। वहां विजय शर्मा रात में निकले, गृहमंत्री ने आधी रात को जंगल से गुजर कर यह साबित कर दिया कि अब बस्तर में हालात बदल रहे हैं और अब डर नहीं सुरक्षा का विश्वास फैल रहा है। आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा था कि एक साल के भीतर छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त कर देंगे।

झीरम घाटी, छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में स्थित एक नक्सल प्रभावित क्षेत्र है, जो 25 मई 2013 को हुए भीषण नक्सली हमले के लिए कुख्यात है। इस हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सहित 33 लोगों की जान गई थी, जिसमें तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल और नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा शामिल थे।​

झीरम घाटी हत्याकांड छत्तीसगढ़ के राजनीतिक इतिहास में एक काला अध्याय माना जाता है। इस घटना ने राज्य और देश को गहरे सदमे में डाल दिया था। आज भी, यह घटना नक्सलवाद की गंभीरता और उससे निपटने की आवश्यकता की याद दिलाती है।​