JSSC खोरठा भर्ती: आखिर क्यों चर्चा के केंद्र में आया रामगढ़ का राधा गोविंद….. ?
17 में 11 चयनित अभ्यर्थी, इसलिए सुर्खियों में राधा गोविंद
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की माध्यमिक आचार्य भर्ती में खोरठा विषय के परिणाम के बाद रामगढ़ स्थित राधा गोविंद अचानक चर्चा के केंद्र में आ गया है। इसकी वजह यह है कि उपलब्ध जानकारी और सूत्रों के अनुसार खोरठा विषय में चयनित 17 अभ्यर्थियों में से 11 अभ्यर्थी यही से पढ़ाई कर चुके है ऐसा बताए जा रहा हैं। यह आंकड़ा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, केवल किसी एक विश्वविद्यालय से अधिक चयन होना अपने आप में किसी अनियमितता का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
एक ही संस्थान और एक ही सत्र की चर्चा ने बढ़ाए सवाल
सूत्रों का दावा है कि चयनित अभ्यर्थियों में कई एक ही सत्र (बैच) से भी जुड़े हैं। इसी आधार पर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या यह महज संयोग है या फिर इसकी विस्तृत जांच की जरूरत है। शिक्षा विभाग को भी प्रमाणपत्रों और शैक्षणिक दस्तावेजों से संबंधित शिकायतें मिली हैं, जिसके बाद सभी चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की गहन जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल जांच जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
राधा गोविंद पर आरोप नहीं, जांच पूरी होने का इंतजार
दैनिक स्टेट स्पष्ट करता है कि इस खबर का उद्देश्य राधा गोविंद , उसके छात्रों या किसी शिक्षक पर आरोप लगाना नहीं है। अभी तक किसी जांच एजेंसी या शिक्षा विभाग ने संस्थान को दोषी नहीं ठहराया है। वर्तमान में केवल शिकायतों के आधार पर दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया चल रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि सब कुछ नियमों के अनुरूप था या किसी स्तर पर कोई गड़बड़ी हुई।
1,373 पदों की भर्ती, 778 अभ्यर्थियों की अनुशंसा और अब सबकी निगाह जांच रिपोर्ट पर
माध्यमिक आचार्य भर्ती के तहत कुल 1,373 पदों पर नियुक्ति होनी है, जबकि अभी विभिन्न विषयों के 778 अभ्यर्थियों की अनुशंसा विभाग को प्राप्त हुई है। इनमें खोरठा के 17, नागपुरी के 18, संताली के 55, कुडुख के 16, मुंडारी के 11, कुरमाली के 8, पंचपरगनिया के 10 सहित कई अन्य विषय शामिल हैं। शिक्षा विभाग अब सभी चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन करा रहा है। यदि जांच में सब कुछ सही पाया जाता है तो नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, वहीं यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पूरे झारखंड की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
राधा गोविंद का पक्ष भी जानेंगे, अगले अंक में पढ़िए का जवाब
दैनिक स्टेट निष्पक्ष पत्रकारिता के सिद्धांतों का पालन करता है। इस मामले में राधा गोविंद का पक्ष जानने के लिए संपर्क किया जा रहा है। उनका आधिकारिक जवाब प्राप्त होते ही उसे बिना किसी संपादन या पूर्वाग्रह के अगले अंक और वेबसाइट पर प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
कैसे मिलती है राधा गोविंद में घर बैठे डिग्री पढ़े अगले अंक में …………..
