*सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी का संघर्ष रंग लाया, NHAI ने दुलमी-गोला को दी 4 ऐतिहासिक सौगात*
_प्रिंस वर्मा / रजरप्पा
राजनीति में वादे तो सभी करते हैं, पर उन्हें जमीन पर उतारने का जिगर कम ही लोगों में होता है। गिरिडीह लोकसभा के सांसद *श्री चंद्रप्रकाश चौधरी* ने एक बार फिर साबित किया कि जनप्रतिनिधि की पहचान कुर्सी से नहीं, कर्म से होती है।
गिरिडीह के सांसद होते हुए भी उन्होंने रामगढ़ विधानसभा के *दुलमी और गोला* दोनों प्रखंडों की वर्षों पुरानी मांगों को अपना निजी संघर्ष बना लिया। नतीजा आज सबके सामने है – *NHAI ने एक साथ 4 बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है*। इसमें *कुल्ही में लाइट व्हीक्युलर अंडरपास, कोइया तालाब में गार्डवाल एवं गहरीकरण, सोंटई में फ्लाईओवर और बरियातू में फुट ओवर ब्रिज* शामिल हैं। मंजूरी की खबर मिलते ही दुलमी-गोला में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़े के साथ मिठाई बांटकर जश्न मनाया और सांसद जी के दीर्घायु जीवन की कामना की।
*संघर्ष की दास्तान*
पिछले कई वर्षों से भारतमाला पर कुल्ही में आए दिन दुर्घटनाएं, सोंटई में घंटों जाम और बरियातू में स्कूली बच्चों का जान जोखिम में डालकर सड़क पार करना आम था। कोइया तालाब के कारण बरसात में कटाव और जलभराव से गांव डूब जाते थे। कई ज्ञापन और आंदोलन के बाद भी फाइलें धूल फांकती रहीं। तब सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा – _”दुलमी-गोला की मिट्टी से मेरा पुराना नाता है। ये समस्या मेरी भी है।”_
*कैसे मिली जीत*
सांसद जी ने दिल्ली-रांची का लगातार दौरा कर केंद्रीय सड़क मंत्रालय और NHAI मुख्यालय में दर्जनों बैठकें कीं। अधिकारियों को दुर्घटनाओं का डाटा और ग्रामीणों की तस्वीरें दिखाई। जब फाइलें नहीं बढ़ीं तो खुद कुल्ही-सोंटई पहुंचकर NH पर धरना दिया और मीडिया के जरिए मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया। उनका एक ही संकल्प था – _”जब तक सौगात नहीं मिलती, पीछे नहीं हटूंगा।”_
*रामगढ़ से गहरा लगाव*
सांसद जी रामगढ़ से 3 बार विधायक रह चुके हैं। सांसद बनने के बाद भी उन्होंने रिश्ता नहीं तोड़ा। सुख-दुख में टीम तुरंत पहुंचती है। इसी कारण जनता उन्हें “अपना सांसद” मानती है। रोहित महतो बोले – _”गिरिडीह के हैं, पर दिल से रामगढ़ के हैं।”_
*जनता की आवाज़*
पूर्व शिक्षक देवकी नंदन महतो ने कहा – “सांसद जी ने हमारी आवाज़ दिल्ली तक पहुंचाई।” आजसू दुलमी अध्यक्ष पंकज कुमार बोले – “यह आश्वासन नहीं, संघर्ष की जीत है।” गीता देवी ने कहा – “अब बेटियां स्कूल सुरक्षित जाएंगी।”
*विकास को नई गति*
इन 4 परियोजनाओं से दुलमी-गोला के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा। सुरक्षित आवागमन, जाम-मुक्त सड़क और मजबूत आधारभूत संरचना से कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार को नई उड़ान मिलेगी। शिवचरण महतो, दिलीप महतो, झुनी देवी सहित सैकड़ों लोगों ने कहा – सच्चा जनप्रतिनिधि क्षेत्र नहीं, सिर्फ जनता का दर्द देखता है।

