बांका जिले में मद्य निषेध पुलिस ने ऐसा पर्दाफाश किया है, जिसने शराब तस्करों की चालाकी की परतें खोल कर रख दी हैं। दूध के नाम पर दौड़ रहे टैंकर में दरअसल विदेशी शराब की खेप छुपाकर ले जाई जा रही थी। लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया और कटोरिया मद्य निषेध थाना पुलिस ने तस्करों के इस शातिर खेल का भंडाफोड़ कर दिया।
🔍 गुप्त सूचना… और जाल बिछा
मद्य निषेध पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड से बिहार की ओर ग्रामीण और जंगली रास्तों के सहारे भारी मात्रा में विदेशी शराब भेजी जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मुख्य मार्गों से हटकर गांवों की पगडंडियों पर विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया गया।
🚨 भागने की कोशिश, लेकिन पुलिस ने कस दी नाकेबंदी
जांच के दौरान जब पुलिस ने दूध टैंकर और दूध ढोने वाली मिनी पिकअप वैन को रोकने का प्रयास किया, तो चालक घबरा गए और वाहनों को तेज़ रफ्तार में भगाने लगे। लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के आगे तस्करों की एक न चली। चारों ओर से घेराबंदी कर दोनों वाहनों को दबोच लिया गया।
🩸 लग्जरी कार में भी निकली शराब की साजिश
इसी क्रम में पुलिस ने एक लग्जरी कार को भी रोका। तलाशी के दौरान पुलिस भी दंग रह गई। कार की सीटों के नीचे, डिक्की में और यहां तक कि इंजन के नीचे तक शराब की बोतलें बेहद शातिर तरीके से छिपाकर रखी गई थीं।
🕵️ पुराना खेल, नया तरीका
जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से दूध टैंकर और दूध ढोने वाले वाहनों का इस्तेमाल कर शराब तस्करी कर रहा था, ताकि उत्पाद विभाग और पुलिस की नजरों से बचा जा सके। मुख्य सड़कों से बचकर ग्रामीण और जंगली रास्तों को तस्करी का कॉरिडोर बनाया गया था।
⚠️ पुलिस की सख्त चेतावनी
मद्य निषेध पुलिस ने साफ कर दिया है कि शराब माफियाओं के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

