Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
नाइट क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन, सद्भावना मैच में नेता और अफसर की टीमों में मुकाबला2 भिलाई स्टील प्लांट के कोक ओवन पावर प्लांट में आग, गैस पाइपलाइन में लपटें तेज छत्तीसगढ़ में पुनर्वास से पुनर्जीवन, दरभा डिवीजन में सक्रिय 10 माओवादियों का आत्मसर्मपण MNREGA योजना का नाम क्यों बदल रही है मोदी सरकार? कैबिनेट में होगा फैसला, विपक्ष ने जताया कड़ा विरोध,... जयपुर मेट्रो का नेटवर्क होगा दोगुना! 36 स्टेशन बनाए जाएंगे इन नए रूट्स पर, लाखों यात्रियों को होगा फ... बहादुरगढ़ में एक साथ 4 फैक्ट्रियों में लगी आग:​​​​​​​ फायर ब्रिगेड की 12 गाड़ियों ने पाया काबू, लाखों... कुरुक्षेत्र में 5000 करोड़ के धान घोटाला मामले में DFSC पर गिरी गाज, पद से हटाया इतने लाख में बिका बहुचर्चित HR88B8888 VIP नंबर, व्यवसायी ने पत्नी के नाम पर खरीदा सावधान! हरियाणा में घने कोहरे का Alert, 2 डिग्री गिरा पारा, सबसे ठंडा रहा ये जिला पत्नी का कातिल निकला यूनिवर्सिटी का प्रोफैसर, टेस्ट ने किया ये चौंकाने वाला खुलासा!

वरुथिनी एकादशी पर करें इन चीजों का दान, जीवन में बनी रहेगी खुशहाली!

पंचांग के अनुसार, भगवान विष्णु को समर्पित एकादशी का व्रत माह में दो बार किया जाता है, एक कृष्ण पक्ष में और एक शुक्ल पक्ष में. वहीं वैशाख माह कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को वरूथिनी एकादशी कहा जाता है. इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत का पालन करने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर होते हैं और मनचाहे फल की प्राप्ति होती है. एकादशी के दिन कुछ खास चीजों का दान करना शुभ होता है. मान्यता है कि इससे व्यक्ति को भगवान विष्णु की कृपा होती है और व्यक्ति के जीवन सुख-समृद्धि का वास होता है.

वरुथिनी एकादशी कब है?| Varuthini Ekadashi 2025 date

वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 23 अप्रैल को 4 बजकर शाम 4 बजकर 43 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन 24 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 32 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, वरुथिनी एकादशी के व्रत 24 अप्रैल को किया जाएगा.

वरुथिनी एकादशी पर करे इन चीजों का दान |What to donate on Varuthini Ekadashi

  • वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की विधि विधान से पूजा करने के बाद गरीब और जरूरतमंदों को केला और मौसमी फलों का दान करना चाहिए. मान्यता है कि एकादशी पर फलों का दान करने से पितृदोष और शनिदोष से मुक्ति मुक्ति मिलती है.
  • वरुथिनी एकादशी पर धन का दान करना शुभ होता है. मान्यता है कि इस दिन पूजा के बाद क्षमतानुसार धन का दान करने से धन लाभ होता है साथ ही आय के नए स्रोत खुलते हैं. इस दिन सबसे पहले मंदिर में भगवान से सामने धन अर्पित या दान करना चाहिए.
  • भगवान विष्णु को पीला रंग और उससे जुड़ी चीजें अति प्रिय हैं. ऐसे में वरुथिनी एकादशी पर विष्णु जी को को गेंदे के फूल अर्पित कर थोड़े से फूल दान में दे दें तो लाभ होगा. ध्यान दें कि फूलों के दान का मतलब है कि मंदिर में भगवान की सेवा के लिए फूल देना. कहते है कि इससे वैवाहिक जीवन में प्रेम बढ़ेगा.
  • धार्मिक मान्यता के अनुसार, वरुथिनी एकादशी पर कपड़ों का दान करने से व्यक्ति की नौकरी में तरक्की होती है. इस दिन पहले पूजा में भगवान विष्णु के चरणों में पीले रंग के कपड़ों का दान करें.
  • वरुथिनी एकादशी पर अगर मिट्टी के घड़े में जल भरकर किसी जरूरत मंद या राहगीर को दान करें तो घर में धन वैभव की वृद्धि होती है और माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. इस दान से संतान की आयु लंबी होती है.