Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
नाइट क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन, सद्भावना मैच में नेता और अफसर की टीमों में मुकाबला2 भिलाई स्टील प्लांट के कोक ओवन पावर प्लांट में आग, गैस पाइपलाइन में लपटें तेज छत्तीसगढ़ में पुनर्वास से पुनर्जीवन, दरभा डिवीजन में सक्रिय 10 माओवादियों का आत्मसर्मपण MNREGA योजना का नाम क्यों बदल रही है मोदी सरकार? कैबिनेट में होगा फैसला, विपक्ष ने जताया कड़ा विरोध,... जयपुर मेट्रो का नेटवर्क होगा दोगुना! 36 स्टेशन बनाए जाएंगे इन नए रूट्स पर, लाखों यात्रियों को होगा फ... बहादुरगढ़ में एक साथ 4 फैक्ट्रियों में लगी आग:​​​​​​​ फायर ब्रिगेड की 12 गाड़ियों ने पाया काबू, लाखों... कुरुक्षेत्र में 5000 करोड़ के धान घोटाला मामले में DFSC पर गिरी गाज, पद से हटाया इतने लाख में बिका बहुचर्चित HR88B8888 VIP नंबर, व्यवसायी ने पत्नी के नाम पर खरीदा सावधान! हरियाणा में घने कोहरे का Alert, 2 डिग्री गिरा पारा, सबसे ठंडा रहा ये जिला पत्नी का कातिल निकला यूनिवर्सिटी का प्रोफैसर, टेस्ट ने किया ये चौंकाने वाला खुलासा!

मिचेल स्टार्क के नो बॉल को लेकर मचा घमासान, क्या सुपर ओवर में हुई नाइंसाफी? जानिए ICC का नियम

आईपीएल 2025 में 16 अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच एक रोमांचक मुकाबला खेला गया, जिसमें जबरदस्त ड्रामा देखने को मिला. मैच सुपर ओवर तक गया, जिसमें दिल्ली की टीम ने बाजी मारी. हालांकि, एक नो बॉल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल, इस सीजन दिल्ली के लिए खेल रहे मिचेल स्टार्क ने सुपर ओवर में गेंदबाजी की थी, और उनकी चौथी गेंद को अंपायर ने नो बॉल करार दिया, जिस पर बहस छिड़ गई है. फैंस का मानना है कि स्टार्क और दिल्ली की टीम के साथ नाइंसाफी हुई है.

अंपायर ने क्यों नो बॉल दिया?

सुपर ओवर में दिल्ली कैपिटल्स ने पहले गेंदबाजी की, और मिचेल स्टार्क ने पहली तीन गेंदों पर दाएं हाथ के बल्लेबाज शिमरॉन हेटमायर के खिलाफ सिर्फ 5 रन दिए. चौथी गेंद पर दाएँ हाथ के बल्लेबाज रियान पराग स्ट्राइक पर आए, इसलिए स्टार्क ने राउंड द विकेट जाकर गेंद डाली, जिस पर चौका लगा. लेकिन थर्ड अंपायर ने नो बॉल का सिग्नल दे दिया. हालांकि, स्टार्क का आगे वाला पैर क्रीज लाइन को पार नहीं कर रहा था, फिर भी नो बॉल दिया गया, जिससे विवाद हो गया.

दरअसल, थर्ड अंपायर ने स्टार्क के बैकफुट (पिछले पैर) के आधार पर नो बॉल दिया था. स्टार्क का पिछला पैर रिटर्न क्रीज की लाइन को छू रहा था, जो नियमों के अनुसार नो बॉल माना जाता है. इस फैसले पर कमेंट्री बॉक्स में भी चर्चा हुई, और कुछ एक्सपर्ट्स ने शुरू में आलोचना की, लेकिन बाद में माना कि अंपायर का फैसला सही था.

क्या कहता है नियम?

क्रिकेट के नियम बनाने वाली संस्थाMCC (मैरीलिबोन क्रिकेट क्लब)केनियम 21.5.1के अनुसार: “यदि गेंदबाज का पिछला पैर रिटर्न क्रीज को छूता है या पार करता है, तो उसे नो बॉल माना जाएगा. गेंदबाज का पैर लाइन के अंदर होना चाहिए और उसे छूना नहीं चाहिए.” इससे साफ है कि अंपायर का फैसला नियमों के अनुसार था, और दिल्ली कैपिटल्स के साथ कोई अन्याय नहीं हुआ.

राजस्थान रॉयल्स नहीं उठा सकी फायदा

नो बॉल के बावजूद राजस्थान रॉयल्स इसका फायदा नहीं उठा सकी. फ्री हिट पर रियान पराग रन आउट हो गए, और अगली गेंद पर यशस्वी जायसवाल भी रन आउट हो गए. इस तरह, राजस्थान ने सुपर ओवर की 5 गेंदों में सिर्फ 11 रन बनाए. दिल्ली कैपिटल्स ने केएल राहुल और ट्रिस्टन स्टब्स की बल्लेबाजी से सिर्फ 4 गेंदों में ही लक्ष्य को हासिल कर लिया.