धर्मेंद्र पटेल । दैनिक स्टेट
कोडरमा में आधी रात बैरिकेडिंग तोड़ थाने में घुसने का किया प्रयास, हाथियों के झुंड से मचा हड़कंप
कोडरमा: नवलशाही थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक असामान्य घटना ने पुलिस और स्थानीय लोगों की नींद उड़ा दी। जंगली हाथियों का झुंड कोडरमा-गिरिडीह मुख्य मार्ग होते हुए सीधे थाना परिसर के पास पहुंच गया। हाथियों ने थाना के सामने लगी बैरिकेडिंग तोड़ दी और परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मी तुरंत सक्रिय हुए और किसी तरह हालात पर नियंत्रण पाया।
आग, पटाखे और हिम्मत… एसआई की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
हाथियों के झुंड को देखते ही नवलशाही थाना के एसआई रवि प्रकाश पंडित ने बिना समय गंवाए डंडे में आग लगाई और लगातार पटाखे फोड़कर हाथियों को पीछे हटाने की कोशिश की। कुछ ही देर में स्थानीय ग्रामीण भी पुलिस के साथ आ गए। संयुक्त प्रयास के बाद हाथियों का झुंड जंगल की ओर लौट गया। इस दौरान एक हाथी एक वाहन से टकराया, लेकिन किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पुलिस की तत्परता से संभावित बड़ा हादसा टल गया।
जंगल से सड़क और अब थाना तक… क्यों बढ़ रहे हैं हाथियों के ऐसे हमले?
वन विशेषज्ञों के अनुसार कोडरमा और गिरिडीह के सीमावर्ती इलाकों में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। जंगलों में भोजन और पानी की कमी, वन क्षेत्र का सिकुड़ना तथा मानव गतिविधियों के विस्तार के कारण हाथी आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में फसलों को नुकसान, मकानों को तोड़ने और सड़क पर हाथियों के आने की घटनाएं बढ़ी हैं। अब थाना परिसर तक पहुंच जाना इस समस्या की गंभीरता को दिखाता है।
oवन विभाग पर उठे सवाल, ग्रामीण बोले—सिर्फ हाथी भगाने से नहीं, स्थायी समाधान चाहिए
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का झुंड कई दिनों से इलाके में घूम रहा था, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी निगरानी या चेतावनी व्यवस्था नहीं की गई। लोगों ने हाथियों की ट्रैकिंग, प्रभावित गांवों में अलर्ट सिस्टम, सोलर फेंसिंग और त्वरित राहत दल की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो भविष्य में किसी बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता।

