धर्मेंद्र पटेल । दैनिक स्टेट
मोबाइल बचाने की कोशिश… और बुझ गई दो डॉक्टरों की जिंदगी! डिमना लेक की दर्दनाक कहानी
एक मोबाइल… और शुरू हो गई मौत की उलटी गिनती
जमशेदपुर के बोड़ाम थाना क्षेत्र स्थित डिमना लेक में शुक्रवार तड़के एक ऐसी घटना हुई, जिसने पूरे एमजीएम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल को सदमे में डाल दिया। मॉर्निंग वॉक पर निकले तीन जूनियर डॉक्टरों में से एक का मोबाइल प्रतिबंधित तालाब में गिर गया। मोबाइल निकालने की छोटी-सी कोशिश देखते ही देखते जिंदगी और मौत की जंग में बदल गई। तीनों डॉक्टर गहरे पानी की ओर बढ़े, लेकिन वापस सिर्फ एक ही लौट सका। दो युवा डॉक्टर गहरे पानी में समा गए और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
एक बचा… दो लापता, डिमना लेक बना मातम का गवाह
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार तीनों डॉक्टर—समीर, सक्षम और यश—प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंचे थे। जैसे ही मोबाइल पानी में गिरा, उसे निकालने के लिए एक डॉक्टर तालाब में उतरा। पानी की गहराई का अंदाजा नहीं था। साथी को डूबता देख बाकी दोनों भी उसे बचाने के लिए कूद पड़े। डॉ. यश तैरना जानते थे, इसलिए किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन डॉ. समीर और डॉ. सक्षम गहरे पानी में डूब गए। तालाब किनारे दोनों की चप्पलें मिलीं, जबकि लेक का बढ़ा हुआ जलस्तर राहत अभियान में सबसे बड़ी चुनौती बन गया।
डेंजर जोन में क्यों पहुंचे डॉक्टर? अब उठ रहे कई सवाल
जिस तालाब में हादसा हुआ, उसे प्रशासन पहले से ही डेंजर जोन घोषित कर चुका है। यहां चेतावनी बोर्ड लगे हैं और आम लोगों के प्रवेश पर रोक भी है। इसके बावजूद तीनों डॉक्टर वहां कैसे पहुंचे, यह अब जांच का विषय बन गया है। शुरुआती जानकारी में मॉर्निंग वॉक की बात सामने आई, जबकि कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉक्टर तालाब किनारे समय बिता रहे थे। पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है और घटना के एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी डॉ. यश से पूछताछ की जा रही है।
अस्पताल में पसरा सन्नाटा, रेस्क्यू जारी… मोबाइल ने छोड़ दिए कई सबक
डॉ. सक्षम पलामू (डाल्टेनगंज) के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जबकि डॉ. समीर जमशेदपुर के काशीडीह के निवासी हैं। हादसे की खबर मिलते ही एमजीएम अस्पताल के जूनियर डॉक्टर, शिक्षक और कर्मचारी बड़ी संख्या में डिमना लेक पहुंच गए। बोड़ाम थाना पुलिस स्थानीय गोताखोरों और बचाव दल की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। लगातार बारिश के कारण तालाब का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है, जिससे रेस्क्यू अभियान कठिन हो गया है। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि कुछ हजार रुपये का मोबाइल दोबारा खरीदा जा सकता है, लेकिन एक पल की लापरवाही कई परिवारों की पूरी दुनिया उजाड़ सकती है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और प्रतिबंधित जलाशयों से दूर रहने की अपील की है।

